Binance पर **$6.3 बिलियन** की ऐतिहासिक सेंध, क्रिप्टो जगत में मची खलबली

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Binance पर **$6.3 बिलियन** की ऐतिहासिक सेंध, क्रिप्टो जगत में मची खलबली

दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज Binance को **$6.3 बिलियन** की अब तक की सबसे बड़ी चोरी का सामना करना पड़ा है। इस घटना के बाद अब पूरा क्रिप्टो सेक्टर अपनी सुरक्षा प्रणालियों को बदलकर वॉल स्ट्रीट जैसी ट्रेडिशनल कंट्रोल व्यवस्था अपनाने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।

सुरक्षा में बड़ी चूक और रिकवरी

क्रिप्टो इतिहास की इस सबसे बड़ी लूट को 29 अक्टूबर, 2026 को अंजाम दिया गया। उत्तर कोरिया से जुड़े 'TraderTraitor' ग्रुप ने एक DevOps इंजीनियर के लैपटॉप को हैक कर Binance के इंटरनल इंफ्रास्ट्रक्चर में सेंध लगा दी। केवल 20 मिनट के भीतर हमलावरों ने हॉट वॉलेट्स खाली कर दिए। हालांकि, Binance ने 3 नवंबर तक अपने रिजर्व का इस्तेमाल करते हुए 98% यूजर्स के फंड को रिस्टोर कर दिया, लेकिन इस घटना ने एक्सचेंज की सेंट्रलाइज्ड पावर पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

वॉल स्ट्रीट जैसा मॉडल अपनाने की तैयारी

अब क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स बड़े निवेशकों को आकर्षित करने के लिए पारंपरिक बैंकिंग के सुरक्षा घेरे की ओर देख रहे हैं। इसमें 'T+1' सेटलमेंट जैसे नियम शामिल हो सकते हैं, जिससे ट्रांजैक्शन में देरी होगी और हैकिंग के दौरान बड़े पैमाने पर पैसे निकालने से रोका जा सकेगा।

क्या है बड़ा रिस्क?

ये नए बदलाव क्रिप्टो के मूल मंत्र 'कोड इज लॉ' (Code is Law) के खिलाफ जाते हैं। जानकारों का कहना है कि अगर प्लेटफॉर्म्स ऐसे सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल अपनाते हैं, तो क्रिप्टो की मुख्य खूबी यानी गति और स्वायत्तता खत्म हो सकती है।

मार्केट पर असर

इस हैक के बाद अक्टूबर महीने में Bitcoin की कीमतों में लगभग 7.3% की गिरावट दर्ज की गई। अब निवेशकों की नजर ग्लोबल रेगुलेटर्स पर है, जो आने वाले दिनों में सभी बड़े एक्सचेंजों के लिए सख्त नियम अनिवार्य कर सकते हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या ये नए सुरक्षा नियम इनोवेशन को प्रभावित किए बिना एसेट्स को सुरक्षित रख पाएंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.