BRICS Digital Asset: नई दिल्ली में बड़ी बैठक, UPI और CBDC के जरिए आसान होंगे इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
BRICS Digital Asset: नई दिल्ली में बड़ी बैठक, UPI और CBDC के जरिए आसान होंगे इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन

BRICS देश 12 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में एक डिजिटल एसेट राउंड टेबल आयोजित करेंगे। इसका उद्देश्य UPI और CBDC जैसे सिस्टम के जरिए क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट को तेज और सस्ता बनाना है। भारत ने स्पष्ट किया है कि इसका मकसद डॉलर को हटाना नहीं, बल्कि व्यापारिक लागत कम करना है।

पेमेंट सिस्टम का भविष्य

12 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में होने वाली इस 'BRICS डिजिटल एसेट राउंड टेबल' में इंडस्ट्री लीडर्स, सॉवरेन वेल्थ फंड्स और बड़े प्राइवेट इन्वेस्टर्स हिस्सा लेंगे। भारत, जो कि 2026 में BRICS की अध्यक्षता कर रहा है, इस इवेंट के जरिए इंटरनेशनल मनी ट्रांसफर को ज्यादा एफिशिएंट बनाने पर जोर दे रहा है।

UPI और Pix का तालमेल

बैठक का मुख्य केंद्र घरेलू फास्ट-पेमेंट नेटवर्क को आपस में जोड़ना है। इसमें भारत का UPI और ब्राजील का Pix जैसे सिस्टम अहम भूमिका निभा सकते हैं। यदि ये नेटवर्क आपस में कनेक्ट होते हैं, तो ट्रेडिशनल बैंकिंग की तुलना में ट्रांजैक्शन कॉस्ट और फ्रिक्शन में भारी कमी आ सकती है। इसके अलावा, CBDC (सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी) के जरिए सीधे सेटलमेंट करने पर भी चर्चा की जाएगी।

'डी-डॉलराइजेशन' का सच

निवेशकों के मन में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या यह डॉलर को चुनौती देने की कोशिश है? हालांकि, नई दिल्ली ने इन अटकलों पर विराम लगाते हुए साफ कर दिया है कि अमेरिकी डॉलर को रिप्लेस करना इस प्रोग्राम का हिस्सा नहीं है। पूरा फोकस सिर्फ ट्रेड फैसिलिटेशन और खर्च घटाने पर है।

$1 ट्रिलियन का निवेश दांव पर

इस इवेंट का महत्व इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि इसमें भाग लेने वाले निवेशकों का एसेट बेस लगभग $1 ट्रिलियन है। इसमें सॉवरेन वेल्थ फंड्स, पेंशन फंड्स और फैमिली ऑफिस शामिल हैं। चर्चा में एनर्जी, प्रॉपर्टी और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे क्षेत्रों में 'टोकेनाइज्ड इन्वेस्टमेंट' के मौकों पर भी विचार होगा।

निवेशकों के लिए सतर्कता

बाजार के जानकारों का मानना है कि इसे अभी शुरुआती चरण के रूप में ही देखा जाना चाहिए। फिलहाल किसी कॉमन BRICS डिजिटल करेंसी का ऐलान नहीं हुआ है और न ही इसके लिए कोई डेडलाइन तय है। तकनीकी और रेगुलेटरी चुनौतियों को देखते हुए, किसी भी बड़े बदलाव के लिए हमें आधिकारिक शिखर सम्मेलन के डिक्लेरेशन का इंतजार करना होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.