Aave पर सायबर हमला! Kelp हैक का भारी असर, DeFi से **$6.6 अरब** गायब, AAVE टोकन **16%** गिरा

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Aave पर सायबर हमला! Kelp हैक का भारी असर, DeFi से **$6.6 अरब** गायब, AAVE टोकन **16%** गिरा
Overview

Decentralized finance (DeFi) की दुनिया में बड़ा झटका लगा है। Aave प्रोटोकॉल का टोटल वैल्यू लॉक्ड (TVL) एक ही झटके में **$6.6 अरब** घटकर करीब **$20 अरब** रह गया है। यह भारी गिरावट पिछले वीकेंड Kelp प्रोटोकॉल के ब्रिज (bridge) पर हुए एक बड़े हैक के बाद आई है।

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Kelp हैक का कहर: Aave पर टूटा आफत का पहाड़

Decentralized Finance (DeFi) का एक बड़ा नाम, Aave, इस समय भारी मुश्किल में है। प्रोटोकॉल की टोटल वैल्यू लॉक्ड (TVL) में $6.6 अरब की भारी गिरावट आई है, जो अब घटकर लगभग $20 अरब रह गई है, जबकि पहले यह $26.4 अरब थी। यह जबरदस्त गिरावट Kelp प्रोटोकॉल के ब्रिज पर हुए एक बड़े एक्सप्लॉइट (exploit) के बाद आई है।

कैसे हुआ ये खेल?

हैकर्स ने Kelp से चुराए हुए लिक्विड री-स्टेकिंग टोकन (rsETH) को Aave के V3 प्लेटफॉर्म पर कोलैटरल (collateral) के तौर पर इस्तेमाल किया। इस चाल के चलते Aave V3 पर बड़ी संख्या में लिक्विडेशन (liquidations) हुए और निवेशकों ने तेजी से अपने फंड्स निकालना शुरू कर दिया। इससे Aave की लिक्विडिटी (liquidity) बुरी तरह प्रभावित हुई।

AAVE टोकन में भारी गिरावट

इस घटना का सीधा असर AAVE टोकन पर भी पड़ा। बाजार में फैली चिंता के कारण AAVE टोकन की कीमत 16% गिरकर $92 पर आ गई।

Aave के स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स तो सुरक्षित, पर कमजोरी कहां?

Aave के फाउंडर, Stani Kulechov, ने यह साफ किया है कि Aave के अपने स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स (smart contracts) में कोई सेंध नहीं लगी है। हालांकि, यह घटना इस बात को उजागर करती है कि DeFi प्रोटोकॉल बाहरी स्रोतों से मिले कोलैटरल को कैसे मैनेज करते हैं। Aave जैसी बड़ी DeFi लेडिंग प्लेटफॉर्म्स की सबसे बड़ी कमजोरी यह निकली कि वे ऐसे कोलैटरल पर निर्भर हैं जो थर्ड-पार्टी ब्रिज (third-party bridges) से आ रहा है, जिन पर Aave का सीधा कंट्रोल नहीं होता।

DeFi की इंटरकनेक्टेड दुनिया का जोखिम

यह घटना DeFi की आपस में जुड़ी हुई संरचना (interconnected structure) में मौजूद बड़े जोखिमों पर भी रोशनी डालती है। rsETH जैसे लिक्विड री-स्टेकिंग टोकन, जो अच्छी यील्ड (yield) देते हैं, कई DeFi प्रोटोकॉल्स के लिए कोलैटरल के रूप में इस्तेमाल किए जा रहे थे। लेकिन, इन टोकन की सुरक्षा में बाहरी ब्रिज एक्सप्लॉइट से सेंध लगने की संभावना को जोखिम मॉडल्स (risk models) में ठीक से शामिल नहीं किया गया था। इस पूरे मामले में लगभग $236 मिलियन के कुल पोजीशन प्रभावित हुए, जिसमें Compound और Euler Finance जैसे अन्य लेडिंग प्रोटोकॉल्स भी शामिल हैं।

आगे क्या?

मार्केट पार्टिसिपेंट्स अब Aave की रणनीति पर बारीकी से नजर रखेंगे कि वे इस डेफिसिट (deficit) को कैसे पूरा करते हैं और उनके रिजर्व सिस्टम (reserve systems) कितने प्रभावी साबित होते हैं। Aave के TVL और AAVE टोकन की कीमत पर इसका दीर्घकालिक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि Aave इस स्थिति को कितनी जल्दी और पारदर्शिता से सुलझाता है। यह घटना पूरे DeFi इंडस्ट्री के लिए एक स्पष्ट चेतावनी है कि इंटरकनेक्टेड प्रोटोकॉल्स में जोखिम होता है और नए डिजिटल एसेट्स के लिए बेहतर रिस्क मॉडलिंग की तत्काल आवश्यकता है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.