विदेशों की रणनीति में बदलाव
आई.डी. फ्रेश फूड अपनी आक्रामक पूंजी-गहन विदेशी विस्तार योजनाओं को कम कर रहा है। कंपनी अब अंतरराष्ट्रीय बाजारों जैसे अमेरिका, यूके, आयरलैंड, कनाडा और सिंगापुर में परिसंपत्ति-लाइट ट्रेडिंग पार्टनरशिप स्थापित करने पर ध्यान केंद्रित करेगी। विदेश में समर्पित विनिर्माण इकाइयां (manufacturing units) स्थापित करने के फैसलों को टाल दिया गया है, जिसमें स्थिर अंतरराष्ट्रीय बिक्री की मात्रा पर निर्भर करते हुए दो से तीन साल लग सकते हैं। मुख्य ध्यान पहले व्यापार सहयोगियों (trade collaborators) के माध्यम से एक मजबूत वितरण नेटवर्क बनाने पर है।
फंडिंग और घरेलू सुदृढ़ीकरण
कंपनी ने एपैक्स पार्टनर्स एलएलपी (Apax Partners LLP) से एक अल्पसंख्यक हिस्सेदारी (minority stake) का निवेश हासिल किया है। यह फंडिंग परिचालन वित्त (operational finance) के लिए नहीं, बल्कि नए साझेदार के वैश्विक नेटवर्क (global network) के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय विस्तार क्षमताओं को बढ़ावा देने के लिए है। मौजूदा निवेशक प्रेमजी इन्वेस्ट (Premji Invest) और टीपीजी न्यूक्वेस्ट (TPG NewQuest) हितधारक बने रहेंगे।
आई.डी. फ्रेश फूड्स ने वित्तीय वर्ष 25 (FY25) में ₹688.2 करोड़ का राजस्व और ₹50.75 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया। इस आंकड़े में ₹24.89 करोड़ का एकमुश्त आस्थगित कर क्रेडिट (one-time deferred tax credit) शामिल था; इसे छोड़कर, लाभ लगभग ₹26 करोड़ था। यह वित्तीय वर्ष 24 (FY24) के ₹4.43 करोड़ के लाभ से एक महत्वपूर्ण उछाल है।
घरेलू क्षमता विस्तार
भारत के भीतर, आई.डी. फ्रेश चार स्वामित्व वाले विनिर्माण संयंत्रों (owned manufacturing plants) और दो तीसरे पक्ष की सुविधाओं (third-party facilities) का संचालन करता है। हैदराबाद और दिल्ली में हालिया क्षमता उन्नयन (capacity upgrades) पूरे हो चुके हैं, और अगले वर्ष मुंबई की बारी है। ये निवेश घरेलू विकास को कई वर्षों तक समर्थन देने के लिए पर्याप्त माने जाते हैं। कंपनी सूरत, अहमदाबाद और गोवा जैसे नए भारतीय बाजारों में मजबूत वृद्धि (traction) देख रही है, जो दक्षिण भारतीय खाद्य पदार्थों (South Indian food staples) की बढ़ती मांग से प्रेरित है।