घाटे के बावजूद क्यों भागा Zydus Wellness का शेयर?
इस तूफानी तेजी की मुख्य वजहें कंपनी की आक्रामक एक्विजिशन (Acquisition) स्ट्रैटेजी और भारतीय FMCG सेक्टर के प्रति बढ़ता भरोसा है। निवेशक कंपनी के तिमाही नतीजों से आगे देखकर, भविष्य की ग्रोथ पर दांव लगा रहे हैं।
1. रिकॉर्ड स्तर पर स्टॉक, भारी वॉल्यूम के साथ उछाल
सोमवार, 13 अप्रैल 2026 को Zydus Wellness का शेयर 13% की बढ़त के साथ ₹552.40 के नए 52-हफ्ते के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। इस दौरान ट्रेडिंग वॉल्यूम भी काफी ज्यादा रहा, NSE पर करीब 2.2 मिलियन शेयर ट्रेड हुए, जो औसत 0.35 मिलियन से कहीं ज्यादा है। यह मजबूती तब दिखी जब Nifty 50 इंडेक्स 0.8% गिर रहा था। पिछले एक महीने में Zydus Wellness के शेयर 30% से ज्यादा और पिछले एक साल में करीब 55% चढ़ चुके हैं।
2. एक्विजिशन से टॉप-लाइन में बंपर ग्रोथ
Q3 FY26 में कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (Revenue) पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 108.5% बढ़कर ₹9,633 मिलियन हो गया। इस ग्रोथ का बड़ा श्रेय Naturell (India) Private Limited और यूके की Comfort Click Limited के अधिग्रहण को जाता है। सितंबर 2025 में करीब £239 मिलियन (यानी ₹2,800 करोड़ से ज्यादा) में Comfort Click के अधिग्रहण से Zydus Wellness ने Vitamins, Minerals, and Supplements (VMS) सेगमेंट में कदम रखा और यूके, यूरोप व यूएसए में अपनी मौजूदगी बढ़ाई। हालांकि, इन एक्विजिशन से जुड़ी लागतों के कारण कंपनी को घाटा उठाना पड़ा।
3. FMCG सेक्टर में दिख रही है तेजी
Zydus Wellness जिस Fast-Moving Consumer Goods (FMCG) सेक्टर में काम करती है, उसे लेकर एनालिस्ट्स (Analysts) काफी उत्साहित हैं। 2026 में भारतीय FMCG इंडस्ट्री में हाई सिंगल-डिजिट वॉल्यूम ग्रोथ का अनुमान है। शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में डिमांड बढ़ने, इनपुट लागतों में स्थिरता और महंगाई कम होने से इसे बढ़ावा मिलेगा।
4. ब्रोकरेज की राय और वैल्यूएशन
खबरों के मुताबिक, Zydus Wellness का P/E (Price-to-Earnings) रेश्यो करीब 75.11x है, जो कुछ एनालिस्ट्स की नजर में ज्यादा है। इसके बावजूद, कई एनालिस्ट्स ने 'BUY' या 'Strong Buy' की रेटिंग दी है और 12 महीने का टारगेट प्राइस ₹515.95 से ₹562.50 के बीच रखा है।
5. घाटे का कारण और जोखिम
Q3 FY26 में ₹39.9 करोड़ का नेट लॉस, पिछली साल की इसी तिमाही के ₹6.4 करोड़ के मुनाफे से बिल्कुल उलट है। ऑपरेटिंग खर्चों में बढ़ोतरी, नए लेबर कोड्स का एक-मुश्त असर और एक्विजिशन से जुड़ी लागतों ने मुनाफे को प्रभावित किया। कंपनी का P/E रेश्यो 75.11x या 110.209x तक बताया जा रहा है, जो कुछ इंडस्ट्री के साथियों की तुलना में ज्यादा महंगा है। एक्विजिशन पर ज्यादा निर्भरता इंटीग्रेशन रिस्क (Integration Risk) भी पैदा करती है।