अधिग्रहणों से रेवेन्यू में भारी उछाल, पर मार्जिन पर दबाव
'Zydus Wellness' का नेट सेल्स FY26 में ₹3,940 करोड़ रहा, जो FY25 के ₹2,691 करोड़ से 46.4% ज्यादा है। इस ग्रोथ का सबसे बड़ा श्रेय यूके-आधारित 'Comfort Click' के अधिग्रहण को जाता है, जिसे लगभग ₹2,800 करोड़ में खरीदा गया था। इसने कंपनी को तेजी से बढ़ते विटामिन्स, मिनरल्स और सप्लीमेंट्स (VMS) सेक्टर में मजबूत पकड़ बनाने में मदद की है।
हालांकि, टॉप-लाइन ग्रोथ इतनी दमदार होने के बावजूद, कंपनी के EBITDA में केवल 34.2% की बढ़ोतरी हुई, जो ₹510 करोड़ रहा। इसका मतलब है कि EBITDA मार्जिन घटकर 12.9% रह गया, जो पिछले साल की तुलना में कम है। ऑपरेटिंग लागतों और ब्याज खर्चों में भारी बढ़ोतरी के चलते नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स साल-दर-साल घटकर ₹197 करोड़ रह गया।
वैल्यूएशन को लेकर चिंता और इंडस्ट्री ट्रेंड्स
भारतीय FMCG सेक्टर में मजबूती बनी हुई है, और 2026 में अच्छी वॉल्यूम ग्रोथ का अनुमान है। ऐसे में, 'Zydus Wellness' का वैल्यूएशन (Valuation) अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में काफी अधिक दिख रहा है। कंपनी का प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेशियो 77 से 124 के बीच है, जबकि 'Hindustan Unilever' (HUL) जैसी बड़ी कंपनियों का P/E रेशियो लगभग 46.8 है।
'Zydus Wellness' के शेयर ने पिछले कुछ सालों में Sensex को पीछे छोड़ा है, लेकिन मौजूदा हाई वैल्यूएशन बड़े, कर्ज-वित्तपोषित विस्तार की जोखिमों को पूरी तरह से नहीं दिखाता है। 2018 में Kraft Heinz India के ₹4,595 करोड़ के अधिग्रहण ने भी कंपनी को बड़ा FMCG प्लेयर बनाया था, लेकिन तब भी ब्याज लागतें बढ़ी थीं। 'Comfort Click' का अधिग्रहण ग्लोबल पहुंच और डिजिटल क्षमताएं तो लाता है, लेकिन यह जटिलता और वित्तीय दबाव भी पैदा करता है।
वित्तीय मुश्किलें और प्रॉफिटेबिलिटी पर सवाल
FY26 के लिए कंपनी पर ₹2,800–₹3,000 करोड़ का कर्ज होने का अनुमान है। Q4 FY26 में ब्याज खर्च ₹4.20 करोड़ से बढ़कर ₹38.70 करोड़ हो गया, जो कर्ज प्रबंधन और प्रॉफिटेबिलिटी पर सवाल खड़े करता है।
प्रॉफिट मार्जिन लगातार सिकुड़ रहे हैं। Q4 FY26 में ऑपरेटिंग मार्जिन घटकर 18.30% (पिछले साल 20.87%) और नेट प्रॉफिट मार्जिन 10.97% (पिछले साल 18.88%) पर आ गया। विश्लेषणों से पता चलता है कि 'ऑपरेटिंग कैश फ्लो (कुल कर्ज का 5.9%) से कर्ज अच्छी तरह कवर नहीं हो रहा है', जो एक बड़ी चिंता है।
Q3 FY26 में कंपनी ने ₹39.90 करोड़ का नेट लॉस भी दर्ज किया था, और ऑपरेटिंग मार्जिन 6.33% पर आ गया था। इन दबावों के पीछे 'Comfort Click' और 'Naturell' (RiteBite) जैसे अधिग्रहणों को इंटीग्रेट करने की लागत, एकमुश्त खर्चे और बढ़ा हुआ विज्ञापन खर्च शामिल हैं।
भविष्य की राह और मैनेजमेंट के लक्ष्य
विश्लेषकों की राय बंटी हुई है; कुछ 'Buy' रेटिंग दे रहे हैं, तो कुछ 'Sell' का सुझाव दे रहे हैं। ब्रोकरेज फर्मों का अनुमान है कि FY27 में रेवेन्यू लगभग ₹5,700 करोड़ तक पहुंच सकता है। मैनेजमेंट का लक्ष्य अगले कुछ वर्षों में EBITDA मार्जिन को 17-18% तक बढ़ाना है (Comfort Click को छोड़कर)। 'Comfort Click' से भी पहले साल से EPS में योगदान की उम्मीद है।
'Sugar Free' और 'Glucon-D' जैसे प्रमुख ब्रांड अपनी मजबूत बाजार स्थिति बनाए हुए हैं। 'Zydus Wellness' नए उत्पादों और वितरण नेटवर्क (ग्रामीण और ऑनलाइन पर फोकस) में भी निवेश कर रहा है। बोर्ड ने ₹1.20 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड (Dividend) सुझाया है। कंपनी की सफलता कर्ज प्रबंधन, संचालन में सुधार और नए अधिग्रहणों के सुचारू एकीकरण पर निर्भर करेगी, ताकि वह अपने हाई वैल्यूएशन को सही ठहरा सके और लॉन्ग-टर्म ग्रोथ गोल्स हासिल कर सके।