Zomato ने अपने 'District' प्लेटफॉर्म की रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। अब कंपनी फिजिकल कॉन्सर्ट वेन्यू के साथ पार्टनरशिप कर रही है ताकि लागत कम हो और AI एजेंटों के सामने एक 'डिफेंसिव एडवांटेज' बनाया जा सके।
फिजिकल वेन्यू का कंट्रोल
Zomato अब सिर्फ टिकट बुकिंग तक सीमित नहीं रहना चाहता। कंपनी ने अब फिजिकल इवेंट स्पेस पर अपना कंट्रोल बढ़ाना शुरू कर दिया है। अस्थाई सेटअप पर होने वाले भारी खर्च को कम करने के लिए Zomato लंबे समय के लिए कॉन्सर्ट वेन्यू के साथ पार्टनरशिप कर रहा है। एक बड़े इवेंट के लिए अस्थाई ढांचे पर रोज का खर्च $1 मिलियन (लगभग ₹8.4 करोड़) तक पहुंच सकता है, जिससे कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर बुरा असर पड़ता है।
AI के खिलाफ नई ढाल
यह रणनीति मुख्य रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से पैदा होने वाले खतरों को देखते हुए बनाई गई है। मैनेजमेंट का मानना है कि आने वाले समय में AI एजेंट ग्राहकों की बुकिंग सीधे कर पाएंगे, जिससे Zomato जैसे प्लेटफॉर्म्स का महत्व कम हो सकता है। अब बेंगलुरु के 16 एकड़ वाले 'Terraform' एरिना जैसे फिजिकल वेन्यू पर कंट्रोल पाकर कंपनी ऐसी एक्सक्लूसिव सुविधाएं दे रही है, जिसे AI टूल्स आसानी से कॉपी नहीं कर पाएंगे।
फाइनेंशियल टारगेट और चुनौतियां
- सितंबर 2026 तिमाही में 'District' प्लेटफॉर्म का नेट ऑर्डर वैल्यू ₹3,259 करोड़ रहा है।
- अभी कंपनी -2% के एडजस्टेड EBITDA मार्जिन पर काम कर रही है।
- कंपनी का लक्ष्य 4 से 6 क्वार्टर में ब्रेक-ईवन हासिल करना है और फाइनेंशियल ईयर 2030 तक ₹1,400 करोड़ का एडजस्टेड EBITDA कमाना है।
यह मॉडल BookMyShow जैसे पारंपरिक 'एसेट-लाइट' कॉम्पिटिटर्स से बिल्कुल अलग है। हालांकि इससे सप्लाई पर कब्जा तो होगा, लेकिन साथ ही कंपनी पर कैपिटल खर्च का भारी दबाव भी बढ़ेगा, जिस पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए।
