Zomato के Blinkit का एडजस्टेड EBITDA **₹190 करोड़** रहने का अनुमान है, जबकि Swiggy के Instamart को **₹840 करोड़** के नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। निवेशक देख रहे हैं कि ये कंपनियां तेजी से विस्तार और फूड डिलीवरी के कैश फ्लो को कैसे मैनेज कर रही हैं।
सितंबर तिमाही के आगामी नतीजों में Zomato और Swiggy के क्विक कॉमर्स बिजनेस की तस्वीर साफ होने वाली है। हालांकि दोनों कंपनियां अपने ग्रॉसरी नेटवर्क का विस्तार कर रही हैं, लेकिन उनकी वित्तीय प्राथमिकताएं बिल्कुल अलग दिशाओं में जा रही हैं।
Blinkit: मुनाफे की नई कहानी
Zomato की क्विक कॉमर्स यूनिट, Blinkit अब काफी स्थिर दिख रही है। ब्रोकरेज अनुमानों के अनुसार, कंपनी इस तिमाही में ₹190 करोड़ का एडजस्टेड EBITDA दर्ज कर सकती है। इस प्रदर्शन के पीछे हाई ऑर्डर वॉल्यूम और डार्क स्टोर्स का कुशल विस्तार है। Zomato की योजना 250 नए डार्क स्टोर्स खोलने की है, जिससे फिक्स्ड कॉस्ट को बेहतर तरीके से मैनेज करने में मदद मिलेगी। विश्लेषकों का मानना है कि Blinkit का EBITDA मार्जिन नेट ऑर्डर वैल्यू का 0.8% से 1% के बीच रह सकता है।
Swiggy: मार्केट शेयर की जंग
इसके उलट, Swiggy फिलहाल मुनाफे के बजाय मार्केट शेयर हासिल करने पर फोकस कर रही है। अनुमान बताते हैं कि Instamart का एडजस्टेड EBITDA नुकसान पिछली तिमाही के ₹780 करोड़ से बढ़कर ₹840 करोड़ तक जा सकता है। कंपनी इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी खर्च कर रही है और इस तिमाही में करीब 75 नए डार्क स्टोर्स जोड़े हैं। हालांकि Swiggy का फूड डिलीवरी सेगमेंट 40 बेसिस पॉइंट्स के सुधार के साथ 3.5% मार्जिन दिखा सकता है, लेकिन इन कमाई को भी क्विक कॉमर्स के विस्तार में लगाया जा रहा है।
निवेशकों के लिए सबक
निवेशकों के लिए यह एक 'बैलेंसिंग एक्ट' है। दोनों कंपनियां अपने फूड डिलीवरी बिजनेस से आने वाले कैश फ्लो का इस्तेमाल क्विक कॉमर्स की आग को बुझाने के लिए कर रही हैं। पूरे सेक्टर में फूड डिलीवरी बिजनेस के 20% सालाना दर से बढ़ने की उम्मीद है, जो इस कड़ी प्रतिस्पर्धा में एक सहारा बना हुआ है। अब देखना यह है कि कौन सी कंपनी अपने खर्चों को बेहतर कंट्रोल करते हुए विस्तार को जारी रखती है।
