Zomato Share: 'Pay-on-delivery' पर एक्स्ट्रा चार्ज का दांव, अब जेब पर पड़ेगा असर

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AuthorNeha Patil|Published at:
Zomato Share: 'Pay-on-delivery' पर एक्स्ट्रा चार्ज का दांव, अब जेब पर पड़ेगा असर

Zomato ने अब कैश या QR कोड के जरिए पेमेंट करने पर **2%** का सरचार्ज (Surcharge) लगाने का फैसला किया है, जिसकी अधिकतम सीमा **₹30** तय की गई है। कंपनी का मानना है कि यह कदम डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने में मदद करेगा, लेकिन निवेशकों की नजर इस पर है कि कहीं इससे ग्राहक कॉम्पिटिटर्स की तरफ न मुड़ जाएं।

अब कैश पेमेंट करना होगा महंगा

Zomato की ओर से लागू किए गए इस नए नियम के तहत, अगर आप ऑर्डर के समय 'Pay-on-delivery' विकल्प चुनते हैं, तो आपको कार्ट वैल्यू पर 2% का एडिशनल शुल्क देना होगा। इस पर ₹30 की कैपिंग रखी गई है। गौर करने वाली बात यह है कि यह चार्ज मौजूदा ₹14.90 के प्लेटफॉर्म चार्ज, डिलीवरी और पैकेजिंग फीस के अलावा लगेगा।

कंपनी का मास्टर प्लान क्या है?

कंपनी के इस कदम के पीछे दो मुख्य कारण हैं—ऑपरेशनल खर्च को वसूलना और ग्राहकों को डिजिटल ट्रांजैक्शन के लिए प्रेरित करना। अभी भी कंपनी के कुल ऑर्डर्स का लगभग 20% हिस्सा कैश-ऑन-डिलीवरी या डोरस्टेप पेमेंट के जरिए आता है। फील्ड पर कैश हैंडलिंग की दिक्कतों और सुरक्षा जोखिमों को कम करने के लिए Zomato अब ग्राहकों को प्री-पेड पेमेंट की ओर धकेल रही है।

बाजार और कॉम्पिटिशन का रिस्क

निवेशकों के लिए चुनौती यह है कि कॉम्पिटिटर Swiggy ने अभी तक ऐसा कोई चार्ज नहीं लगाया है। ऐसे में बाजार में 'फी-स्टैकिंग' (Fee Stacking) का डर बना हुआ है, जहां बार-बार लगने वाले छोटे-छोटे चार्जेस से ग्राहक परेशान होकर दूसरी सस्ती सर्विस की तरफ शिफ्ट हो सकते हैं। आने वाली तिमाहियों में यह देखना अहम होगा कि क्या इस फीस के बाद कंपनी का प्री-पेड यूजर बेस बढ़ता है या फिर ऑर्डर वॉल्यूम पर कोई नकारात्मक असर पड़ता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.