Zomato अपने हैदराबाद स्थित कस्टमर सपोर्ट सेंटर को बंद करने जा रही है, जिससे करीब **240** कर्मचारी प्रभावित हुए हैं। कंपनी अब अपने सपोर्ट ऑपरेशंस को आउटसोर्स करने और गुरुग्राम हेडक्वार्टर में काम को समेटने की रणनीति पर काम कर रही है।
ऑपरेशंस में बड़ा बदलाव
Zomato ने अपनी ऑपरेशनल रणनीति में बड़ा फेरबदल करते हुए हैदराबाद में चल रहे अपने कस्टमर सपोर्ट हब को बंद करने की घोषणा की है। कंपनी का मकसद अब इन-हाउस टीम के बजाय थर्ड-पार्टी पार्टनर्स के जरिए काम चलाना है। इससे कंपनी की फिक्स्ड सैलरी लागत कम होने की उम्मीद है और उसे डिमांड के हिसाब से ऑपरेशंस स्केल करने में आसानी होगी।
कर्मचारियों के लिए कंपनसेशन पैकेज
प्रभावित होने वाले कर्मचारियों के लिए कंपनी ने एक सपोर्ट पैकेज का ऐलान किया है, जिसमें अगस्त की सैलरी के साथ 4 महीने की अतिरिक्त सैलरी दी जाएगी। साथ ही, 31 मार्च 2027 तक मेडिकल इंश्योरेंस और मेंटल हेल्थ काउंसलिंग की सुविधा भी दी जाएगी। कंपनी उन्हें नई नौकरी तलाशने में भी मदद कर रही है।
क्या है बिजनेस रिस्क?
यह छंटनी सीधे तौर पर सिर्फ सपोर्ट ऑपरेशंस तक सीमित है। Blinkit, Hyperpure और District जैसे वर्टिकल्स पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, निवेशकों के लिए चिंता का विषय यह है कि क्या थर्ड-पार्टी पर निर्भरता से सर्विस क्वालिटी में गिरावट आएगी। अब मार्केट की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह बदलाव कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन में सुधार ला पाएगा या कस्टमर एक्सपीरियंस पर बुरा असर डालेगा।
