क्विक कॉमर्स कंपनी Zepto ने फ्री डिलीवरी के लिए मिनिमम ऑर्डर वैल्यू को ₹149 से बढ़ाकर ₹199 कर दिया है। पीक डिमांड में यह लिमिट ₹299 तक जा सकती है। यह कदम इंडस्ट्री में प्रॉफिट पर फोकस बढ़ने का संकेत है, ताकि Blinkit और Swiggy की तरह कंपनी अपने ऑर्डर इकोनॉमिक्स को बेहतर कर सके।
क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म Zepto ने ग्राहकों को बड़ा झटका दिया है। कंपनी ने फ्री डिलीवरी के लिए मिनिमम ऑर्डर वैल्यू को पहले के ₹149 से बढ़ाकर ₹199 कर दिया है। इतना ही नहीं, पीक डिमांड या ज्यादा भीड़भाड़ वाले समय में यह लिमिट ₹299 तक भी पहुंच सकती है। यह नया नियम 19 अगस्त 2026 से लागू हो गया है और यह बताता है कि कंपनी अब अपनी डिलीवरी कॉस्ट को कैसे मैनेज कर रही है।
इंडस्ट्री में प्रॉफिट पर फोकस
Zepto का यह कदम Blinkit (Eternal की कंपनी) और Swiggy Instamart जैसे बड़े कॉम्पिटिटर्स के साथ तालमेल बिठाने का एक तरीका है, जिन्होंने पहले से ही ऐसे नियम लागू किए हुए हैं। पिछले कुछ सालों से क्विक कॉमर्स सेक्टर में कंपनियां तेजी से ग्रोथ और भारी डिस्काउंट पर जोर दे रही थीं। लेकिन, यह नया बदलाव इस ओर इशारा करता है कि अब इंडस्ट्री केवल मार्केट शेयर बढ़ाने की बजाय "यूनिट इकोनॉमिक्स" यानी हर ऑर्डर पर होने वाले प्रॉफिट पर ज्यादा ध्यान दे रही है।
ब्रोकरेज का नज़रिया
Kotak Institutional Equities जैसे एनालिस्ट्स का मानना है कि इस कदम से कंपनी के नेट ऑर्डर वैल्यू (NOV) में सुधार होगा। जब ग्राहकों को फ्री डिलीवरी के लिए ज्यादा शॉपिंग करनी पड़ेगी, तो कंपनी अपनी फिक्स्ड डिलीवरी कॉस्ट को बड़े ऑर्डर पर बांट सकेगी, जिससे ओवरऑल खर्चों को मैनेज करने में मदद मिलेगी।
निवेशकों की नज़र
हालांकि Zepto एक प्राइवेट कंपनी है, लेकिन इसके ऑपरेशनल बदलावों पर निवेशकों की पैनी नजर रहती है, खासकर उन लोगों की जो क्विक कॉमर्स सेक्टर को ट्रैक करते हैं। Eternal के शेयर ₹318.30 के आसपास और Swiggy के शेयर ₹270.40 के आसपास ट्रेड कर रहे थे (19 अगस्त के डेटा के मुताबिक)। निवेशक इन बदलावों को देखकर यह समझने की कोशिश करते हैं कि क्या यह सेक्टर एक टिकाऊ और प्रॉफिटेबल बिजनेस मॉडल की ओर बढ़ रहा है।
क्या हैं रिस्क?
इस स्ट्रेटेजी में कुछ रिस्क भी हैं। फ्री डिलीवरी के लिए ज़्यादा मिनिमम ऑर्डर वैल्यू ग्राहकों की प्राइस सेंसिटिविटी को टेस्ट करेगी। अगर डिलीवरी का खर्च या बड़ा ऑर्डर करने की जरूरत बहुत ज्यादा लगती है, तो हो सकता है कि ग्राहक छोटे, सुविधा वाले ऑर्डर देना बंद कर दें, जो कि क्विक कॉमर्स मॉडल का एक अहम हिस्सा है। Zepto और बाकी कंपनियों के लिए यह चुनौती होगी कि वे मिनिमम ऑर्डर वैल्यू बढ़ाएं, लेकिन ऑर्डर्स की संख्या में कमी न आए।
यह देखना अहम होगा कि इन बदलावों का कस्टमर रिटेंशन और ऑर्डर फ्रीक्वेंसी पर क्या असर पड़ता है। भविष्य की रिपोर्ट और मैनेजमेंट की कमेंट्री से ही यह साफ होगा कि क्या यह कदम प्रॉफिट मार्जिन सुधारने और ग्राहकों को प्लेटफॉर्म पर बनाए रखने की जरूरत के बीच सही संतुलन बना पाता है।
