Zappfresh ने H1FY26 में ₹7 करोड़ का मुनाफा कमाया, विस्तार की नई राहें खोलीं
Zappfresh (DSM Fresh Foods) ने वित्तीय वर्ष 2026 की पहली छमाही (H1FY26) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने ₹7.03 करोड़ का शानदार प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) कमाया, वहीं रेवेन्यू ₹95.85 करोड़ दर्ज किया गया।
'Acqui-hiring' से विस्तार की अनोखी रणनीति
ये नतीजे कंपनी की आक्रामक विस्तार की रणनीति का हिस्सा हैं। Zappfresh खास तौर पर 'Acqui-hiring' मॉडल पर जोर दे रही है, जिसका मतलब है कि कंपनी सिर्फ एसेट्स (संपत्ति) ही नहीं, बल्कि टैलेंट (प्रतिभा) को भी हासिल करने के लिए दूसरी कंपनियों का अधिग्रहण कर रही है। इसके अलावा, कंपनी नए भौगोलिक क्षेत्रों में विस्तार और अपने प्रोडक्ट्स की रेंज को बढ़ाने (portfolio diversification) पर भी फोकस कर रही है, ताकि अपने 'farm-to-fork' मॉडल को और मजबूत किया जा सके।
अधिग्रहणों का सिलसिला जारी
इस 'Acqui-hiring' रणनीति के तहत, Zappfresh ने जुलाई 2023 में Dr. Meat (Sukos Food Pvt. Ltd.) का अधिग्रहण किया था। वहीं, जुलाई 2024 तक Bonsaro (Majestic Aliments India Pvt. Ltd.) के अधिग्रहण की योजना है। हाल ही में, अपनी सब्सिडियरी Avyom Foodtech Private Limited के ज़रिए कंपनी ने Ambrozia Frozen Food Partnership फर्म को भी खरीदा है। ये कदम कंपनी की इनऑर्गेनिक ग्रोथ (inorganic growth) और मार्केट कंसॉलिडेशन (market consolidation) के प्रति प्रतिबद्धता को दिखाते हैं।
आगे क्या उम्मीद करें?
शेयरहोल्डर्स को अब कंपनी से तेज़ इनऑर्गेनिक ग्रोथ की उम्मीद करनी चाहिए। Zappfresh नए डोमेस्टिक और इंटरनेशनल मार्केट्स में कदम रखने के लिए तैयार है। साथ ही, वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स (Value-Added Products - VAPs) की हिस्सेदारी बढ़ाने पर ध्यान दिया जाएगा। सीफूड सेगमेंट में बैकवर्ड इंटीग्रेशन (backward integration) से मार्जिन कंट्रोल और क्वालिटी में सुधार की उम्मीद है। कंपनी नए बिजनेस वर्टिकल (business verticals) भी बना रही है, जो मुख्य बिज़नेस से हटकर विविधीकरण का संकेत है।
जोखिम पर भी नज़र
हालांकि, इन अधिग्रहणों से कंपनी के विकास को गति मिलने की उम्मीद है, लेकिन एकीकरण (integration) का जोखिम भी है। अधिग्रहित कंपनियों, उनकी संस्कृति और ऑपरेशन्स को बिना किसी रुकावट के सफलतापूर्वक मिलाना कंपनी के लिए महत्वपूर्ण होगा।
कंपनी के वित्तीय आंकड़े
H1 FY26 के लिए कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹9,585 लाख (₹95.85 करोड़) और EBITDA ₹1,527 लाख (₹15.27 करोड़) रहा। कंसोलिडेटेड PAT ₹703 लाख (₹7.03 करोड़) था। कंपनी ने FY23 से FY25 के बीच 52% के रेवेन्यू CAGR और 82% के PAT CAGR का कमाल दिखाया है। H1 FY26 के लिए ग्रॉस मार्जिन 34% और ROCE 31% दर्ज किया गया। वर्किंग कैपिटल साइकिल (working capital cycle) 69 दिन का था।