दमदार नतीजे, शेयर में तेजी
व्हर्लपूल ऑफ इंडिया (Whirlpool of India) के शेयर गुरुवार को 4.39% चढ़कर ₹894 के स्तर पर पहुंच गए। यह उछाल कंपनी द्वारा 31 मार्च 2026 को समाप्त हुई चौथी तिमाही और पूरे वित्तीय वर्ष के नतीजों के ऐलान के बाद आया।
तिमाही नतीजों का लेखा-जोखा
FY26 की चौथी तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 9% बढ़कर ₹2,181 करोड़ हो गया। लेकिन, ई-वेस्ट प्रावधानों और एनर्जी ट्रांज़िशन से जुड़े खर्चों जैसे रेगुलेटरी कारणों और बढ़ती कमोडिटी कीमतों के चलते कंपनी के मुनाफे पर भारी दबाव पड़ा।
इसके परिणामस्वरूप, कंसोलिडेटेड EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमोर्टाइजेशन से पहले की कमाई) में 34% की गिरावट आई और यह ₹121 करोड़ पर आ गया। वहीं, कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) भी 27% घटकर ₹81 करोड़ रह गया, जो पिछले साल ₹119.47 करोड़ था।
पूरे वित्तीय वर्ष 2026 की बात करें तो कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 1.4% बढ़कर ₹8,034 करोड़ दर्ज किया गया।
डिविडेंड का ऐलान
कंपनी के बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्रति इक्विटी शेयर ₹5 का डिविडेंड (Dividend) देने की मंजूरी दी है।
ऑपरेशनल रिकवरी की कहानी
व्हर्लपूल ऑफ इंडिया ने बताया कि FY26 की पहली छमाही में कंपनी को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिसमें कमजोर गर्मी का मौसम, जल्दी आया मानसून और कड़ा प्राइस कॉम्पिटिशन शामिल था, जिसके चलते रेवेन्यू में 3% की गिरावट आई थी।
हालांकि, साल की दूसरी छमाही में धीरे-धीरे सुधार देखा गया, जिसमें अक्टूबर से मार्च के बीच रेवेन्यू में 6.6% की बढ़ोतरी हुई। यह वापसी वॉशिंग मशीन और एयर कंडीशनर सेगमेंट में मार्केट शेयर में हुई बढ़ोतरी के साथ-साथ प्रीमियम प्रोडक्ट्स पर ध्यान केंद्रित करने से संभव हुई। कंपनी ने साल का अंत मजबूत तरीके से किया, लगातार तीन महीनों तक डायरेक्ट कूल रेफ्रिजरेटर में मार्केट लीडर बनी रही और Q4FY26 में टॉप-लोड सेगमेंट में दूसरी सबसे बड़ी वॉल्यूम मार्केट शेयर हासिल की।
