Whirlpool India Share Price: रेवेन्यू बढ़ा, पर ये 3 बड़ी वजहें निवेशकों को कर रही हैं परेशान!

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Whirlpool India Share Price: रेवेन्यू बढ़ा, पर ये 3 बड़ी वजहें निवेशकों को कर रही हैं परेशान!
Overview

Whirlpool of India ने Q3 FY26 में एक मिले-जुले नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने मुश्किल डिमांड माहौल के बावजूद रेवेन्यू में **4%** की बढ़त दर्ज की है, जिसका श्रेय वॉशिंग मशीन सेगमेंट में मार्केट शेयर में हुई बढ़त और लागत में कमी को जाता है। हालांकि, पैरेंट कंपनी की लगातार हिस्सेदारी बिक्री, करेंसी में गिरावट का असर और एक बार के प्रोविजन्स (Provisions) ने प्रॉफिट पर दबाव बनाए रखा है।

कंपनी के नतीजे क्या कहते हैं?

दिसंबर 2025 की तिमाही (Q3 FY26) में Whirlpool of India का स्टैंडअलोन रेवेन्यू ₹1,624 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 3.8% ज्यादा है। यह ग्रोथ खासकर वॉशिंग मशीन सेगमेंट में मार्केट शेयर बढ़ने और एयर कंडीशनर सेगमेंट में उछाल से आई है। वहीं, आक्रामक कॉस्ट-सेविंग (Cost-saving) पहलों के चलते कंपनी का ऑपरेशनल EBITDA 47.3% तक बढ़ गया।

हालांकि, ₹33.4 करोड़ के एक-मुश्त वेज कोड प्रोविजन (Wage Code Provision) के कारण कंपनी का प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) काफी गिर गया। कंसोलिडेटेड (Consolidated) लेवल पर रेवेन्यू 4.0% बढ़कर ₹1,774 करोड़ हो गया।

शेयर पर क्यों बन रहा दबाव?

कंपनी की ग्रोथ के बावजूद, निवेशकों की चिंताएं कम नहीं हुई हैं।
1. प्रमोटर की हिस्सेदारी बिक्री: पैरेंट कंपनी Whirlpool Corporation लगातार अपनी हिस्सेदारी बेच रही है। नवंबर 2025 तक, उन्होंने 51% से अधिक हिस्सेदारी घटाकर लगभग 40% कर ली है, और $166 मिलियन की शेयर बिक्री की है। 2026 की पहली छमाही तक इसे और कम करने की योजना है। यह भारतीय इकाई के लिए लंबी अवधि की रणनीतिक प्रतिबद्धता पर सवाल खड़े करता है।
2. करेंसी का जोखिम: भारतीय रुपये का लगातार कमजोर होना इंपोर्टेड इनपुट की लागत को बढ़ा रहा है, जिससे कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर सीधा असर पड़ रहा है।
3. प्राइवेट इक्विटी डील फेल: दिसंबर 2025 में, वैल्यूएशन को लेकर मतभेद के कारण एडवेंट इंटरनेशनल (Advent International) के साथ प्राइवेट इक्विटी डील फेल हो गई। इससे स्टॉक के वैल्यूएशन और भविष्य की स्वामित्व संरचना को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
4. कठिन मुकाबला: भारतीय होम अप्लायंस मार्केट में मुकाबला कड़ा है। LG Electronics India जैसे प्रतिद्वंद्वियों की रणनीतियाँ मार्जिन को बचाने पर केंद्रित हैं, जो Whirlpool की मार्केट शेयर बढ़ाने की रणनीति से अलग है।

शेयर की चाल और भविष्य की राह

13 फरवरी 2026 तक, Whirlpool India का शेयर लगभग ₹897 पर ट्रेड कर रहा था, जो पिछले साल के 10.4% की गिरावट को दर्शाता है और 52-हफ्ते की ऊंचाई ₹1,471 से काफी नीचे है। कंपनी का P/E रेश्यो लगभग 34.05-37.95 के बीच है, और पिछले तीन सालों का ROE (Return on Equity) सिर्फ 7.39% रहा है।

बाजार विश्लेषकों का नजरिया मिले-जुले लेकिन सतर्कतापूर्ण आशावाद का है, जिसमें 'आउटपरफॉर्म' (Outperform) या 'बाय' (Buy) की रेटिंग दी गई है। हालांकि, हाल के महीनों में प्राइस टारगेट (Price Target) में थोड़ी गिरावट देखी गई है। 13 फरवरी 2026 को एक प्राइस टारगेट को 14% घटाकर ₹1,147 कर दिया गया था, जबकि औसत टारगेट ₹1,100 से ₹1,271 के बीच है।

कंपनी का लक्ष्य प्रीमियम सेगमेंट में ग्रोथ और लागत में कमी से प्रॉफिट सुधारना है, और वे फाइनेंशियल ईयर के दूसरे हाफ में बाजार में रिकवरी की उम्मीद कर रहे हैं। इसके अलावा, 7.5% CAGR से बढ़ने वाले भारतीय होम अप्लायंस मार्केट में लंबा पोटेंशियल (Potential) है, लेकिन Whirlpool India को इन चुनौतियों से पार पाना होगा।

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