Whirlpool India Share: ₹898 पार! Big Brand Deal ने दी तेज़ी, पर Profit में 40% गिरावट

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Whirlpool India Share: ₹898 पार! Big Brand Deal ने दी तेज़ी, पर Profit में 40% गिरावट
Overview

Whirlpool India के शेयरों में आज, 9 फरवरी 2026 को, ज़बरदस्त उछाल देखा गया। शेयर **5%** से ज़्यादा चढ़कर ₹898 तक पहुंच गया। इसकी मुख्य वजह कंपनी का नया, मल्टी-डिकेड ब्रांड लाइसेंसिंग एग्रीमेंट और ब्रोकरेज फर्म Jefferies की ₹1,030 की टारगेट प्राइस वाली रिपोर्ट है। हालांकि, यह तेज़ी कंपनी के तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजों के बीच आई है, जिसमें लेबर कोड की वजह से **40%** की भारी प्रॉफिट गिरावट दर्ज की गई।

ब्रांड डील की चमक और ₹898 का टारगेट

Whirlpool India के निवेशकों के लिए 9 फरवरी 2026 का दिन खास रहा, जब कंपनी के शेयर में 5% से ज़्यादा की तेज़ी देखी गई और यह दिन के कारोबार में ₹898 के स्तर तक पहुंच गया। इस तेज़ी का मुख्य कारण ब्रोकरेज फर्म Jefferies का कंपनी पर भरोसा जताना था। Jefferies ने 'होल्ड' रेटिंग को बरकरार रखते हुए शेयर का टारगेट प्राइस ₹1,030 तय किया है, जो भविष्य में अच्छी कमाई की उम्मीद जगाता है।
इसके साथ ही, कंपनी ने अक्टूबर 2025 के मध्य में अपनी पैरेंट कंपनी, Whirlpool Corporation के साथ एक महत्वपूर्ण, मल्टी-डिकेड ब्रांड लाइसेंसिंग एग्रीमेंट साइन किया है। यह डील Whirlpool India को आने वाले कई दशकों तक 'Whirlpool' ब्रांड के इस्तेमाल का अधिकार देती है, जो कंपनी के लिए एक बड़ी रणनीतिक बढ़त है। यह डील भविष्य की ग्रोथ और ब्रांड की निरंतरता के लिए एक मज़बूत नींव रखती है।

नतीजों का कड़वा सच: सेल्स बढ़ी, पर प्रॉफिट घटा

इन सकारात्मक खबरों के बीच, कंपनी के तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजे थोड़ी चिंता पैदा कर रहे हैं। भले ही कंसोलिडेटेड सेल्स पिछले साल के मुकाबले 4% बढ़ी हो, और ऑपरेटिंग मार्जिन सुधरकर 5.1% हो गया हो, लेकिन रिपोर्टेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (RPAT) में 40% की भारी गिरावट आई है। यह गिरावट मार्केट की उम्मीदों से भी ज़्यादा थी। इसकी सबसे बड़ी वजह नए लेबर कोड के लागू होने से हुआ ₹3.88 करोड़ का एक बड़ा एक्सेप्शनल लॉस है। यह रेगुलेटरी बदलाव न सिर्फ इस तिमाही में भारी पड़े, बल्कि भविष्य में भी कॉस्ट का दबाव बना सकते हैं।

रेफ्रिजरेटर सेगमेंट पर मार और वैल्यूएशन का सवाल

कंपनी का रेफ्रिजरेटर सेगमेंट अभी भी धीमी मांग और कड़े मुकाबले का सामना कर रहा है, जो चिंता का विषय है, खासकर वॉशर और एयर कंडीशनर जैसे सेगमेंट्स में ग्रोथ के बावजूद। 6 फरवरी 2026 तक, Whirlpool India का मार्केट कैप लगभग ₹10,872 करोड़ था, और इसका P/E रेश्यो करीब 32.67 था। यह रेश्यो इसके कई बड़े प्रतिद्वंद्वियों (Peers) की तुलना में कम है। लेकिन, साल की शुरुआत से अब तक (Year-to-Date), शेयर 37.8% गिर चुका है, और 30 जनवरी 2026 को इसने अपना 52-हफ्ते का निचला स्तर ₹760.9 छुआ था। कंपनी का ROE 9.08% है, जो LG इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया (36.90%) और डिक्सन टेक्नोलॉजीज (36.39%) जैसे प्लेयर्स से काफी पीछे है।

भविष्य की राह: ब्रांड की ताकत या मौजूदा चुनौतियाँ?

लंबी अवधि के लिए, यह नया ब्रांड लाइसेंसिंग एग्रीमेंट Whirlpool India के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है, क्योंकि यह ब्रांड की मज़बूती को सुरक्षित करता है। विश्लेषकों की राय बंटी हुई है। जहां Jefferies ने ₹1,030 का टारगेट दिया है, वहीं दूसरे एनालिस्ट अलग-अलग राय रख रहे हैं, कुछ 'बाय' रेटिंग भी दे रहे हैं। कंपनी के लिए असली चुनौती यह होगी कि वह अपनी रणनीतिक ताकतों को कैसे लगातार मज़बूत वित्तीय प्रदर्शन में बदल पाती है, खासकर लेबर कोड से जुड़े खर्चों और रेफ्रिजरेटर सेगमेंट में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच।

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