Westlife Foodworld: मुनाफे और विस्तार का डबल धमाका
Westlife Foodworld, जो पश्चिम और दक्षिण भारत में McDonald's के लिए फ्रेंचाइजी का काम करती है, उसने फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में अपनी लगातार प्रॉफिटेबिलिटी (profitability) का एलान किया है। मुश्किल ऑपरेटिंग माहौल के बावजूद, गेस्ट काउंट में बढ़ोतरी और कड़े कॉस्ट कंट्रोल्स (cost controls) के चलते कंपनी ने यह कामयाबी हासिल की।
कंपनी ने ₹6.71 बिलियन का रेवेन्यू दर्ज किया, और मार्जिन में भी काफी सुधार देखा गया। रेस्तरां ऑपरेटिंग मार्जिन (restaurant operating margins) में सालाना करीब 150 बेसिस पॉइंट्स का इजाफा हुआ, जबकि ऑपरेटिंग EBITDA ₹987 मिलियन तक पहुंच गया।
सप्लाई चेन एफिशिएंसी (supply chain efficiencies), वैल्यू मील्स (value meals) की अच्छी मांग, और डिजिटल सेल्स (digital sales) में बढ़ोतरी, जो अब कुल बिक्री का 74% है, इन सबने मुनाफे में योगदान दिया। कंपनी ने विस्तार पर भी ध्यान दिया और तिमाही के दौरान 10 नए रेस्तरां खोले, जिससे उनके आउटलेट्स की कुल संख्या बढ़कर 458 हो गई, जो 73 शहरों में फैले हुए हैं। हालांकि, सेम-स्टोर सेल्स ग्रोथ (same-store sales growth) थोड़ी नेगेटिव यानी -3.2% रही।
Shriram Pistons और Eris Lifesciences: बाज़ार की ताक़त से उछले शेयर
दूसरी तरफ, Shriram Pistons & Rings Ltd और Eris Lifesciences Ltd के शेयरों में भी प्री-ओपनिंग सेशन में ज़बरदस्त उछाल देखने को मिला। खास बात यह है कि इन दोनों कंपनियों की ओर से किसी भी ऐसी बड़ी घोषणा (material announcements) का अभाव था, जो आमतौर पर ऐसे बड़े मूव्स को स्पष्ट कर सके।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि इन S&P BSE ग्रुप A कंपनियों में आई तेज़ी के पीछे केवल बाज़ार की ताक़त (market forces) या व्यापक निवेशक भावना (investor sentiment) का असर हो सकता है, बिना किसी खास फंडामेंटल कारण के। Shriram Pistons & Rings के शेयर 6.14% चढ़कर ₹3,299.95 पर पहुंच गए, जबकि Eris Lifesciences के शेयर 4.85% की बढ़ोतरी के साथ ₹1,496.45 पर ट्रेड हुए।
सेक्टर्स में भी दिखी मजबूती
सिर्फ इन शेयरों की बात ही नहीं, कई सेक्टर्स ने भी प्री-ओपनिंग में मज़बूती दिखाई। मेटल्स इंडेक्स (metals index) में 1.13% का उछाल देखा गया, जो कमोडिटी से जुड़े सेगमेंट्स में निवेशकों की दिलचस्पी को दर्शाता है। पावर सेक्टर (power sector) में मामूली 0.11% की बढ़ोतरी हुई, और ऑटो सेक्टर (auto sector) ने 0.46% की तेज़ी दर्ज की। यह इन औद्योगिक (industrial) और उपभोक्ता-उन्मुख (consumer-facing) क्षेत्रों में सकारात्मक भावना का संकेत देता है।
हालांकि, फ्रंटलाइन S&P BSE Sensex में मामूली 0.07% यानी 60 अंकों की गिरावट के साथ शुरुआत हुई, जो व्यापक बाज़ार (broader market) में मिली-जुली भावना को दर्शाती है।
