Westlife Foodworld Share: रेवेन्यू बढ़ा पर मुनाफे में 52% गिरावट, जानें क्या है वजह?

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Westlife Foodworld Share: रेवेन्यू बढ़ा पर मुनाफे में 52% गिरावट, जानें क्या है वजह?

Westlife Foodworld ने Q1 FY27 के लिए **₹58.7 लाख** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल की तुलना में **52%** कम है। हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू **11.9%** बढ़कर **₹735.6 करोड़** हो गया। स्टोर सेल्स में **4.3%** का इजाफा हुआ, लेकिन बढ़ती लागतों ने मुनाफे पर असर डाला।

क्यों गिरी Westlife Foodworld की कमाई?

Westlife Foodworld, जो पश्चिमी और दक्षिणी भारत में McDonald's आउटलेट्स चलाती है, के लिए 2027 के फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही (Q1 FY27) मिली-जुली रही। कंपनी ने 30 जून 2026 को समाप्त तिमाही में ₹58.7 लाख का नेट प्रॉफिट दर्ज किया। यह पिछले साल की समान अवधि में ₹1.23 करोड़ के मुकाबले 52% की बड़ी गिरावट है।

यह गिरावट तब आई जब कंपनी का रेवेन्यू 11.9% बढ़कर ₹735.6 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹657.6 करोड़ था।

बिक्री बढ़ाने वाले फैक्टर और प्रदर्शन

कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ का मुख्य कारण ₹99 Everyday Value जैसे वैल्यू-आधारित प्राइसिंग पर फोकस रहा, जिसने ग्राहकों की कुल संख्या बढ़ाने में मदद की। 'Same-store sales' (एक साल से अधिक पुराने स्टोर्स की बिक्री) में 4.3% का सुधार देखा गया। कंपनी के अनुसार, यह हाल की तिमाहियों में सबसे मजबूत प्रदर्शन है, खासकर मई और जून में मांग काफी अच्छी रही।

डिजिटल रणनीति कंपनी का एक अहम हिस्सा बनी हुई है, जिसमें 74% बिक्री डिजिटल चैनलों से आ रही है। कंपनी के मोबाइल ऐप को 55 मिलियन से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका है।

लागतों का दबाव और मार्जिन

हालांकि रेवेन्यू बढ़ा, लेकिन कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर महंगाई का असर साफ दिखा। ऑपरेटिंग EBITDA (ब्याज, टैक्स और अन्य खर्चों से पहले का परिचालन मुनाफा) 11% बढ़कर ₹94.6 करोड़ हुआ। वहीं, रेस्तरां ऑपरेटिंग मार्जिन 18.6% दर्ज किया गया।

विस्तार और भविष्य की राह

Westlife Foodworld अपनी मौजूदगी बढ़ाने पर जोर दे रही है। इस तिमाही में कंपनी ने 5 नए रेस्टोरेंट खोले, जिससे कुल आउटलेट्स की संख्या बढ़कर 482 हो गई, जो 79 शहरों में फैले हैं। कंपनी का लक्ष्य दिसंबर 2027 तक 580 से 630 रेस्टोरेंट तक पहुंचने का है।

आने वाली तिमाहियों में निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि कंपनी अपनी विस्तार योजनाओं को लाभप्रदता (Profitability) के साथ कैसे संतुलित करती है। खाद्य क्षेत्र कच्चे माल की कीमतों और उपभोक्ता खर्च के प्रति बहुत संवेदनशील होता है, इसलिए महंगाई का कंपनी के मुनाफे पर असर एक महत्वपूर्ण चिंता का विषय बना रहेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.