Westlife Foodworld के शेयरों में शुक्रवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। कंपनी ने अपने सितंबर तिमाही के शानदार नतीजे जारी किए हैं, जिसके बाद स्टॉक **20%** चढ़कर बंद हुआ। रेवेन्यू में **16%** की बढ़ोतरी और सेम-स्टोर सेल्स में **10.1%** की ग्रोथ ने निवेशकों का भरोसा बढ़ा दिया है।
शुक्रवार को मार्केट में Westlife Foodworld का दबदबा रहा। BSE पर यह स्टॉक ₹638 के लेवल पर जाकर 20% की बढ़त के साथ बंद हुआ। हैरानी की बात यह है कि इंट्राडे में यह स्टॉक ₹514.75 के निचले स्तर से रिकवर होकर तेजी के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा।
सेल्स और नेटवर्क का दम
मैकडॉनल्ड्स (McDonald's) के फ्रेंचाइजी पार्टनर, Hardcastle Restaurants Private ने इस तिमाही में ₹747 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल के मुकाबले 16% अधिक है। इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा ट्रिगर 10.1% की सेम-स्टोर सेल्स ग्रोथ (SSSG) रही। ऐसे समय में जब QSR कंपनियां ग्राहकों की खर्च करने की क्षमता घटने से जूझ रही हैं, कंपनी का यह परफॉर्मेंस काफी मायने रखता है। नेटवर्क की बात करें तो, कंपनी ने इस तिमाही में 11 नए रेस्टोरेंट खोले हैं, जिसके साथ अब इनकी कुल संख्या 492 हो गई है।
मार्जिन और ऑपरेशनल एफिशिएंसी
कंपनी ने सिर्फ सेल नहीं बढ़ाई, बल्कि मुनाफे के मोर्चे पर भी कमाल किया है। कंपनी का ऑपरेटिंग EBITDA 29% बढ़कर ₹98.1 करोड़ हो गया है, जिससे EBITDA मार्जिन 13.1% पर पहुंच गया है। मैनेजमेंट का मानना है कि भारतीय QSR मार्केट में अभी भी काफी संभावनाएं हैं, क्योंकि शहरी लाइफस्टाइल बदल रही है। कंपनी अपनी कुल सेल का 59% हिस्सा ऑन-प्रेमिस डाइनिंग और बाकी डिजिटल डिलीवरी के जरिए हासिल कर रही है।
सेक्टर में मुकाबला
हालांकि नतीजे दमदार हैं, लेकिन Jubilant FoodWorks, Devyani International और Sapphire Foods जैसे बड़े खिलाड़ियों के साथ मुकाबला कड़ा है। QSR सेक्टर में कच्चे माल जैसे आलू, पनीर और तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव मार्जिन पर दबाव डाल सकते हैं। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि क्या कंपनी भविष्य की तिमाहियों में भी इन ग्रोथ नंबर्स को बरकरार रख पाती है या नहीं।
