Welspun Living: सरकार के बड़े फैसले से शेयर में आया तूफान, पहली बार पहुंचा 52-वीक हाई

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AuthorAditya Rao|Published at:
Welspun Living: सरकार के बड़े फैसले से शेयर में आया तूफान, पहली बार पहुंचा 52-वीक हाई

Welspun Living के लिए अच्छी खबर है। सरकार द्वारा RoDTEP स्कीम को दिसंबर 2026 तक बढ़ाने के बाद शेयर ने **₹233** का नया 52-वीक हाई लेवल छू लिया है।

सरकारी फैसले का असर कंपनी के शेयरों पर साफ दिख रहा है। केंद्र सरकार द्वारा Remission of Duties and Taxes on Exported Products (RoDTEP) स्कीम को 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ाए जाने से टेक्सटाइल सेक्टर में खुशी की लहर है। Welspun Living के लिए यह निर्णय बेहद अहम है क्योंकि कंपनी का 87% रेवेन्यू होम लिनन के एक्सपोर्ट से आता है।

मार्जिन पर क्या होगा असर?

कंपनी अपनी कॉम्पिटिटिवनेस बनाए रखने के लिए RoDTEP और RoSCTL जैसी सरकारी स्कीमों पर काफी निर्भर है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इन इंसेटिव्स के बिना कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता था। अब, इस स्कीम के विस्तार से कंपनी के मुनाफे में स्थिरता आएगी और निवेशकों को भविष्य के नतीजों को लेकर बेहतर विजिबिलिटी मिलेगी।

डेट में कमी और फाइनेंशियल स्ट्रेंथ

कंपनी ने केवल पॉलिसी सपोर्ट पर भरोसा नहीं किया है, बल्कि अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करने पर भी जोर दिया है। पिछले कुछ समय में कंपनी ने अपना नेट डेट घटाकर ₹7,754 मिलियन (Q4 FY26 अंत तक) कर लिया है, जो मार्च 2025 में ₹16,025 मिलियन था। साथ ही, FY27 की पहली तिमाही में EBITDA मार्जिन सुधरकर 12.5% पर पहुंच गया है। जून 2026 में कंपनी द्वारा ₹175 प्रति शेयर के भाव पर किए गए बायबैक ने भी शेयरहोल्डर्स के लिए वैल्यू क्रिएट करने की कोशिश की है।

चुनौतियां और रिस्क

पॉजिटिव खबरों के बीच, निवेशकों को सावधानी भी बरतनी चाहिए। टेक्सटाइल सेक्टर अभी भी यूरोप, यूके, जापान और मिडिल-ईस्ट जैसे बाजारों में भू-राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहा है। इसके अलावा, रॉ मटेरियल की कीमतों में बदलाव और ग्लोबल फ्रेट कॉस्ट का सीधा असर कंपनी के मार्जिन पर पड़ सकता है, जिससे स्टॉक में उतार-चढ़ाव की संभावना बनी रहेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.