Welspun Living के तिमाही नतीजों ने चौंकाया: मुनाफा लगभग खत्म, रेवेन्यू भी गिरा
Welspun Living Limited ने दिसंबर 2025 को समाप्त तीसरी तिमाही और नौ महीनों (Q3 FY26) के अपने वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं, और ये नतीजे उम्मीदों से कोसों दूर हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू साल-दर-साल (YoY) 9.9% घटकर ₹2,277 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹2,528 करोड़ था। वहीं, नौ महीनों (9MFY26) में कुल आय 12.8% गिरकर ₹7,017 करोड़ पर आ गई।
मुनाफे में भारी गिरावट, मार्जिन पर दबाव
कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी पर बड़ा असर देखने को मिला है। Q3 FY26 में कंसोलिडेटेड EBITDA 45.2% घटकर ₹175 करोड़ रहा। सबसे चिंताजनक बात यह है कि EBITDA मार्जिन में भारी गिरावट आई है, जो 493 बेसिस पॉइंट्स (bps) घटकर 7.7% पर आ गया, जबकि पिछले साल यह 12.6% था। सबसे बड़ा झटका Profit After Tax (PAT) में लगा है, जो 99.9% लुढ़ककर केवल ₹0.2 करोड़ रह गया, जबकि Q3 FY25 में यह ₹121 करोड़ था। नौ महीनों के लिए, कंसोलिडेटेड EBITDA 47.3% गिरकर ₹597 करोड़ पर आ गया।
सेगमेंट की बात करें तो, होम टेक्सटाइल (Home Textiles) रेवेन्यू 4.7% घटकर ₹2,175 करोड़ रहा, जिसमें EBITDA 44.2% गिरकर ₹160 करोड़ पर आ गया और मार्जिन 7.3% रहा। फ्लोरिंग (Flooring) सेगमेंट में रेवेन्यू 20.3% घटकर ₹172 करोड़ रहा और EBITDA में 82.8% की भारी गिरावट के साथ यह ₹3 करोड़ पर आ गया, मार्जिन महज 1.7% पर रहा।
इसके अलावा, नए लेबर कोड्स के स्टैचूटरी इम्प्लीमेंटेशन (statutory impact of new Labour Codes) के कारण ₹18.97 करोड़ का एक एक्सेप्शनल आइटम (exceptional item) भी दर्ज किया गया है।
राहत की खबर: डेट (Debt) में आई कमी
हालांकि, बैलेंस शीट पर एक सकारात्मक बात यह है कि कंपनी ने अपने नेट डेट (Net Debt) को कम करने में कामयाबी हासिल की है। 31 दिसंबर 2025 तक, नेट डेट ₹1,332 करोड़ था, जो पिछले साल के ₹1,658 करोड़ से ₹326 करोड़ कम है। Q3 FY26 में कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) ₹139 करोड़ रहा।
आगे की राह: चुनौतियों के बीच उम्मीदें
कंपनी के मैनेजमेंट, जिसमें एमडी (MD) श्री बी.के. गोयनका भी शामिल हैं, ने कठिन ग्लोबल कंडीशंस को स्वीकार किया है। हालांकि, उन्होंने बताया कि हाल ही में अमेरिकी टेक्सटाइल उत्पादों पर टैरिफ (tariffs) को 50% से घटाकर 25% करना निर्यात के लिए एक बड़ा बूस्ट (boost) साबित हो सकता है। इसके अलावा, अमेरिका, यूरोपीय संघ (EU) और यूके (UK) के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स (FTAs) पर सरकार का फोकस भारतीय टेक्सटाइल सेक्टर के लिए लंबी अवधि के अवसर प्रदान करता है। कंपनी ने सस्टेनेबिलिटी (sustainability) को भी एक मुख्य differentiator बताया है। फिलहाल, मैनेजमेंट ने कोई स्पष्ट मात्रात्मक (quantitative) गाइडेंस नहीं दी है।