मुंबई की प्रमुख वॉच रिटेलर कंपनी Just in Time ने 100 स्टोर्स का आंकड़ा पार कर लिया है और अब कंपनी जल्द ही IPO लाने की तैयारी कर रही है।
मुंबई स्थित वॉच रिटेल चेन Just in Time ने 100 स्टोर्स के माइलस्टोन को हासिल कर लिया है, जो कंपनी के भविष्य की बड़ी योजनाओं का हिस्सा है। कंपनी अब अपनी बिजनेस ऑपरेशंस को प्रोफेशनल बनाने में जुटी है ताकि जल्द ही शेयर बाजार (IPO) में लिस्टिंग की जा सके। यह विस्तार कंपनी द्वारा 2025 में जुटाए गए ₹80 करोड़ के फंड के बाद और तेज हुआ है, जिसमें आशीष कचोलिया और लशित संघवी जैसे प्रमुख निवेशकों ने हिस्सा लिया था।
बिजनेस मॉडल और रेवेन्यू का लक्ष्य
कंपनी मिड-मार्केट सेगमेंट पर फोकस करती है, जहाँ घड़ियों की कीमत ₹10,000 से लेकर ₹3 लाख तक है। Just in Time का लक्ष्य 2027 फाइनेंशियल ईयर के अंत तक ₹1,000 करोड़ का रेवेन्यू हासिल करना है। कंपनी अपनी सर्विस और कस्टमर एक्सपीरियंस को बेहतर बनाए रखने के लिए 'कंपनी-ओन्ड' मॉडल पर भरोसा कर रही है, जो कि फ्रेंचाइजी मॉडल की तुलना में ज्यादा कंट्रोल देता है।
कड़ी प्रतिस्पर्धा और चुनौतियां
भारतीय वॉच रिटेल सेक्टर में कंपनी को Ethos और Titan की Helios चेन से कड़ी टक्कर मिल रही है। हालांकि कंपनी 14,000 पिन कोड्स तक अपनी डिजिटल पहुंच बना चुकी है, लेकिन चुनौतियां भी कम नहीं हैं।
निवेशकों को इन बातों पर गौर करना चाहिए:
- एक्सिक्यूशन रिस्क: कंपनी-ओन्ड स्टोर्स के बड़े नेटवर्क को चलाने के लिए भारी पूंजी और फिक्स्ड कॉस्ट की जरूरत होती है।
- विस्तार की योजना: कंपनी इस साल इंटरनल कैश फ्लो का इस्तेमाल करके 35 नए स्टोर्स खोलने की तैयारी में है।
- मार्केट सेंटीमेंट: घड़ियों का बिजनेस पूरी तरह से ग्राहकों की खर्च करने की क्षमता (discretionary spending) पर निर्भर है, जो इकोनॉमी और इंटरेस्ट रेट्स के उतार-चढ़ाव से प्रभावित हो सकता है।
