वालमार्ट (Walmart) के लिए दूसरी तिमाही के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे, कंपनी ने **$187.9 बिलियन** का रेवेन्यू दर्ज किया। लेकिन, इन शानदार नंबरों के बावजूद, कंपनी के शेयर **5-7%** तक गिर गए। इसकी मुख्य वजह कंपनी का कमजोर आउटलुक और फ्लिपकार्ट (Flipkart) की 'बिग बिलियन डेज़' सेल की टाइमिंग में बदलाव बताई जा रही है।
दमदार नतीजों के बावजूद क्यों गिरी कंपनी?
वालमार्ट इंक (Walmart Inc.) ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही के लिए अपने शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कुल रेवेन्यू पिछले साल के मुकाबले 5.9% बढ़कर $187.9 बिलियन पहुंच गया। एडजस्टेड अर्निंग्स पर शेयर (EPS) $0.81 रहा, जो विश्लेषकों के $0.74 के अनुमान से कहीं ज़्यादा है। कंपनी के ई-कॉमर्स और एडवरटाइजिंग डिवीज़न ने इस ग्रोथ में अहम भूमिका निभाई।
फ्लिपकार्ट की सेल का क्या है असर?
नतीजे आने के बाद वालमार्ट के शेयर में लगभग 5-7% की गिरावट देखी गई। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि कंपनी ने भविष्य के लिए जो गाइडेंस (Outlook) दिया है, वह बाज़ार की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। ग्लोबल ई-कॉमर्स सेल्स में 23% की ज़बरदस्त बढ़ोतरी हुई, वहीं ग्लोबल एडवरटाइजिंग रेवेन्यू में 38% का उछाल आया। इस दौरान, वालमार्ट के इंटरनेशनल सेगमेंट में फ्लिपकार्ट (Flipkart) के एडवरटाइजिंग बिज़नेस ने ग्रोथ को बनाए रखने में मदद की।
हालांकि, कंपनी की सबसे बड़ी सालाना सेल 'बिग बिलियन डेज़' (Big Billion Days) की टाइमिंग में किए गए बदलाव से वालमार्ट को एक झटका लगा है। इस सेल के कुछ हिस्सों को तीसरी और चौथी तिमाही के बीच बांटा गया है, जिससे तीसरी तिमाही में कंपनी की सेल्स ग्रोथ 1% से ज़्यादा कम होने का अनुमान है।
फुल-ईयर गाइडेंस से निराशा
भले ही वालमार्ट ने फुल-ईयर फाइनेंशियल 2027 के लिए अपने आउटलुक को बढ़ाया है, लेकिन एडजस्टेड EPS के $2.80 से $2.87 के बीच रहने का अनुमान, बाज़ार की $2.90 की उम्मीद से कम है। वालमार्ट के शेयर फिलहाल अपनी कमाई के लगभग 40 गुना वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहे हैं, ऐसे में बाज़ार ने उम्मीद से कम गाइडेंस को स्वीकार नहीं किया। टॉप-लाइन ग्रोथ मजबूत होने के बावजूद, निवेशकों ने कंपनी के नतीजों पर चिंता जताई है।
आगे चलकर, व्यापक आर्थिक स्थितियां कंज्यूमर खर्च को कैसे प्रभावित करती हैं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। वालमार्ट को रिटेल और डिजिटल कॉमर्स दोनों क्षेत्रों में कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है, जिससे प्रॉफिट मार्जिन पर लगातार दबाव बना हुआ है। निवेशक 'बिग बिलियन डेज़' सेल की टाइमिंग में बदलाव के असली असर को समझने के लिए तीसरी और चौथी तिमाही के नतीजों पर पैनी नज़र रखेंगे।
