Walmart के ग्लोबल CTO सुरेश कुमार ने साफ किया है कि अल्ट्रा-फास्ट डिलीवरी का असली मंत्र सस्ता लेबर नहीं, बल्कि सटीक डिमांड फोरकास्टिंग और इन्वेंट्री मैनेजमेंट है। कंपनी ने Q2 FY27 में **23%** की ई-कॉमर्स ग्रोथ दर्ज की है, लेकिन अमेरिकी बाजार में धीमी बिक्री और प्रीमियम वैल्यूएशन निवेशकों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं।
टेक्नोलॉजी ही भविष्य है
Walmart के ग्लोबल चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर (CTO) सुरेश कुमार ने 10-मिनट डिलीवरी के इकोनॉमिक मॉडल पर खुलकर बात की है। उनका मानना है कि इस मॉडल की सफलता के पीछे सस्ता लेबर नहीं, बल्कि हाई-टेक डिमांड फोरकास्टिंग और इन्वेंट्री की रणनीतिक प्लेसमेंट है। कंपनी का लक्ष्य है कि ग्राहकों को जिस सामान की जरूरत है, उसे घनी आबादी वाले इलाकों के पास पहले से स्टॉक कर लिया जाए, जिससे डिलीवरी की एफिशिएंसी बढ़े।
ड्रोन टेक्नोलॉजी और चुनौतियां
स्पीड की लॉजिस्टिक्स पूरी तरह से लोकेशन पर निर्भर करती है। भारत और चीन जैसे घने शहरी इलाकों में यह मॉडल काफी कारगर साबित हो रहा है, जबकि अमेरिका के ग्रामीण इलाकों में भौगोलिक बाधाओं के कारण मुश्किलें आ रही हैं। इन चुनौतियों को दूर करने के लिए Walmart ड्रोन डिलीवरी पर काम कर रही है। हालांकि, यह प्रोजेक्ट अभी शुरुआती स्टेज में है और इसे रेगुलेटरी बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है, फिर भी कंपनी इसे वैश्विक स्तर पर विस्तार के लिए एक जरूरी टूल मानती है।
फाइनेंशियल हेल्थ और निवेशकों की चिंताएं
Walmart ने Q2 FY27 में अपनी डिजिटल सेल्स में 23% का उछाल देखा है, जो कंपनी के 'डिजिटल-फर्स्ट' रणनीति की सफलता को दर्शाता है। लेकिन शेयर में हालिया अस्थिरता ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। स्टॉक अभी लगभग 36 के फॉरवर्ड अर्निंग मल्टीपल पर ट्रेड कर रहा है। निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल अमेरिका में कम होती बिक्री और प्रीमियम वैल्युएशन को लेकर है।
आगे की राह
शेयरधारकों के लिए कंपनी का 'एग्जीक्यूशन' सबसे महत्वपूर्ण होगा। टेक्नोलॉजी में भारी निवेश लंबे समय में लागत को कम कर सकता है, लेकिन इसके लिए लगातार कैपिटल इन्फ्यूजन की जरूरत है। अब मैनेजमेंट के सामने चुनौती यह साबित करने की है कि ये तकनीकी एडवांसमेंट प्रॉफिट मार्जिन को बचाए रखते हुए कंसिस्टेंट रिटर्न दे पाएंगे या नहीं, खासकर तब जब कंज्यूमर स्पेंडिंग में सावधानी देखी जा रही है।
