Walmart के AI शॉपिंग असिस्टेंट 'Sparky' ने रिटेल बाजार में हलचल मचा दी है। जो ग्राहक इसका इस्तेमाल कर रहे हैं, उनके ऑर्डर वैल्यू में **40%** की बढ़ोतरी देखी गई है। कंपनी अब इस तकनीक का उपयोग अपने सप्लाई चेन और इन्वेंट्री मैनेजमेंट को आधुनिक बनाने के लिए कर रही है।
सेल्स और एडॉप्शन में तेजी
अगस्त 2026 की दूसरी तिमाही की अर्निंग कॉल में Walmart ने खुलासा किया कि उनका AI टूल 'Sparky' ग्राहकों के बीच काफी लोकप्रिय हो रहा है। इसके उपयोग में साल-दर-साल 70% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि Sparky का उपयोग करने वाले ग्राहक, सामान्य ग्राहकों की तुलना में 40% ज्यादा खर्च कर रहे हैं।
ऑपरेशंस को मिल रही धार
यह केवल शॉपिंग तक सीमित नहीं है। Walmart इसे अपने जटिल सप्लाई चेन को दुरुस्त करने के लिए एक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहा है। AI का उपयोग करके कंपनी डिमांड का सटीक अनुमान लगा रही है, जिससे इन्वेंट्री मैनेजमेंट बेहतर हुआ है। इससे न केवल वेस्टेज कम हो रहा है, बल्कि सामान की डिलीवरी भी तेज हो गई है।
रेगुलेटरी और डेटा प्राइवेसी पर नजर
इस तकनीक के बढ़ते चलन के साथ ही Walmart रेगुलेटरी जांच के घेरे में भी है। कंपनी ने साफ कर दिया है कि वे 'पर्सनलाइज्ड प्राइसिंग' का इस्तेमाल नहीं करते हैं। उनका मंत्र है— 'प्रोडक्ट की कीमत तय करना, व्यक्ति की नहीं।' हालांकि, अमेरिकी फेडरल ट्रेड कमीशन (FTC) इस बात की जांच कर रहा है कि AI कैसे प्रोडक्ट रिकमेंड करता है, खासकर मेड-इन-अमेरिका सामानों को लेकर।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
Walmart इस डिजिटल बदलाव पर मोटा पैसा खर्च कर रही है। निवेशकों के लिए असली चुनौती यह देखना है कि क्या यह भारी निवेश आने वाले समय में मुनाफे और सेल्स ग्रोथ के जरिए वसूल हो पाएगा। आगे चलकर कंपनी 'Sparky' को फिजिकल स्टोर्स में भी लाने की तैयारी कर रही है ताकि ग्राहकों को शॉपिंग के दौरान और बेहतर अनुभव दिया जा सके।
