मार्जिन में बढ़ोतरी से मुनाफे की राह
Wakefit का ग्रॉस मार्जिन 55.8% पर पहुंच गया, जो पिछले साल 55% था। कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद, कंपनी ने बेहतर इन्वेंटरी मैनेजमेंट से ये उपलब्धि हासिल की। ऑपरेटिंग EBITDA पूरे फाइनेंशियल ईयर में बढ़कर ₹112.3 करोड़ हो गया, जो FY25 में सिर्फ ₹18 करोड़ था। वहीं, Q4 FY26 में EBITDA, अन्य आय को छोड़कर, ₹36.5 करोड़ रहा, जो पिछले साल Q4 में ₹6 करोड़ था।
टैक्स एसेट्स ने बढ़ाया नेट प्रॉफिट
Q4 FY26 में कंपनी ने ₹23.5 करोड़ का प्रॉफिट बिफोर टैक्स दर्ज किया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में ₹26.2 करोड़ का घाटा था। पूरे FY26 के लिए, Wakefit ने ₹189.2 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया, जो FY25 के ₹35 करोड़ के नेट लॉस से बिल्कुल अलग है। इस बड़े उलटफेर में Q4 में ₹98.1 करोड़ के रिकग्नाइज्ड डेफर्ड टैक्स एसेट्स का बड़ा हाथ रहा।
मजबूत बैलेंस शीट और ऑपरेशन्स
31 मार्च 2026 तक कंपनी की कुल संपत्ति बढ़कर ₹1,751.2 करोड़ हो गई। IPO से मिले कैपिटल और बढ़ते मुनाफे की बदौलत कंपनी का टोटल इक्विटी ₹1,131.8 करोड़ से दोगुना से भी ज्यादा हो गया। कैश रिजर्व ₹7.1 करोड़ से बढ़कर ₹88.5 करोड़ हो गया। FY26 में ऑपरेटिंग एक्टिविटीज से नेट कैश ₹244.5 करोड़ रहा, जो बेहतर वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट को दर्शाता है।
प्रोडक्ट कैटेगरी और स्टोर्स में ग्रोथ
मैट्रेस से रेवेन्यू FY26 में बढ़कर ₹913.9 करोड़ (FY25 में ₹781.4 करोड़) और फर्नीचर से ₹435.8 करोड़ (FY25 में ₹351.7 करोड़) हो गया। कंपनी ने अपने स्टोर्स की संख्या 105 से बढ़ाकर 139 कर ली है। कुल सेल्स वॉल्यूम पिछले फाइनेंशियल ईयर के 26 लाख यूनिट्स से बढ़कर 29.3 लाख यूनिट्स हो गया।
मार्केट परफॉरमेंस और वैल्यूएशन चिंताएं
Wakefit Innovations, जो एक डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) ब्रांड है, ने पिछले तीन सालों में 45.18% का रेवेन्यू CAGR हासिल किया है, जो इंडस्ट्री एवरेज से काफी बेहतर है। हालांकि, 22 मई 2026 को इसके शेयर में 7.13% की इंट्राडे गिरावट देखी गई, जो मार्केट से कम प्रदर्शन था। ये गिरावट शानदार नतीजों के बावजूद आई, जिससे मार्केट की सतर्कता या सेक्टर की चुनौतियों का संकेत मिलता है।
स्टॉक पर दबाव का विश्लेषण
22 मई 2026 को शेयर में आई भारी गिरावट बताती है कि मार्केट शायद डेफर्ड टैक्स एसेट्स के असर को कम आंक रहा है और दूसरी चिंताओं पर ध्यान दे रहा है। कंपनी का प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेश्यो भी ऊपर-नीचे होता रहा है, मई 2026 में यह लगभग 114 के आसपास था। मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ के बावजूद, दिसंबर 2025 की एक रिपोर्ट में तीन साल का रिटर्न ऑन इक्विटी सिर्फ 7.12% दिखाया गया था। मार्च 2026 तक Wakefit पर ₹277 करोड़ का लोन था, जो फाइनेंशियल लीवरेज बढ़ाता है।
भविष्य की रणनीति
CEO अनित गर्ग FY27 के लिए उत्साहित हैं और लगातार रेवेन्यू ग्रोथ और कॉस्ट कंट्रोल का लक्ष्य बनाए हुए हैं। Wakefit अपनी रिटेल प्रेजेंस को और बढ़ाने की योजना बना रहा है। FY26 में कुल रेवेन्यू का 67.2% से ज्यादा हिस्सा डायरेक्ट चैनल्स से आया था, और कंपनी भारत के होम और फर्नीचर मार्केट में अपनी D2C लीडरशिप पोजीशन बनाए रखना चाहती है।
