AI का तड़का और भविष्य की रणनीति
Voltas का 'Summer 2026' पोर्टफोलियो खास है, जिसमें AI-संचालित Vertis AC सीरीज को पेश किया गया है। ये ACs आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके टेम्परेचर को ऑटोमैटिकली एडजस्ट करते हैं, ह्यूमिडिटी कंट्रोल करते हैं और यूजर की आदतों के हिसाब से कूलिंग को पहले से तय (predictive cooling) करते हैं। खास बात यह है कि इसमें AI Geofencing तकनीक भी है, जो यूजर के कमरे के पास आते ही AC को चालू कर देती है और जब कमरा खाली होता है तो एनर्जी बचाती है। कंपनी का फोकस स्मार्ट, एनर्जी-एफिशिएंट कूलिंग पर है, ताकि ग्राहकों को आराम के साथ-साथ बिजली के बिल में भी बचत का एहसास हो। AC के अलावा, Voltas रेफ्रिजरेटर और वॉशिंग मशीन जैसे अप्लायंसेज में भी अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है। अभी इन सेगमेंट्स में कंपनी की हिस्सेदारी 10% से भी कम है, लेकिन लक्ष्य 15-20% तक पहुंचने का है। इस बड़े दांव का मकसद Voltas को सिर्फ AC कंपनी से एक पूरी होम अप्लायंसेज निर्माता के तौर पर स्थापित करना है।
बाज़ार की चाल और कड़े मुकाबले
भारतीय एयर कंडीशनर (AC) बाजार में तेजी की उम्मीद है। अनुमान है कि अगले समर सीजन में यह बाजार 15-20% तक बढ़ सकता है। वहीं, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर 2026 तक लगातार ग्रोथ करेगा, जिसकी वजह बढ़ते शहरीकरण, लोगों की बढ़ती आय और छोटे शहरों में उत्पादों की बढ़ती मांग है। हालांकि, Voltas के लिए राह आसान नहीं है। यह एक बेहद कॉम्पिटिटिव मार्केट है। Daikin जैसी कंपनियां पहले से ही करीब 18-19% मार्केट शेयर के साथ मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं। Blue Star भी अपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ा रही है और FY26 तक 14.3% मार्केट शेयर का लक्ष्य रखे हुए है। LG और Havells (Lloyd ब्रांड के साथ) जैसे ब्रांड भी बड़े खिलाड़ी हैं। वर्तमान में Voltas के पास AC मार्केट का करीब 18-20.5% शेयर है, जिसे 2026 तक 20% तक ले जाने का लक्ष्य है। अप्लायंसेज में 10% से कम से 15-20% का टारगेट हासिल करना एक बड़ी चुनौती होगी।
मुनाफे पर दबाव और वैल्यूएशन की चिंता
महत्वाकांक्षी लक्ष्यों के बावजूद, Voltas के सामने कई चुनौतियां हैं जिन पर गौर करना जरूरी है। हालिया नतीजों में कंपनी के मुनाफे पर दबाव साफ दिख रहा है। Q1 FY26 में नेट प्रॉफिट पिछले साल के मुकाबले 58.1% घटकर ₹140.61 करोड़ रह गया, जबकि कुल आय 19.6% गिर गई। इससे पहले Q3 FY26 में भी नेट प्रॉफिट 35.9% गिरा था। कंपनी का P/E रेश्यो 80-120x के बीच चल रहा है, जो इंडस्ट्री के औसत 81.88x से थोड़ा ऊपर है। यह प्रीमियम वैल्यूएशन ऐसे समय में है जब कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ धीमी हुई है और प्रॉफिटेबिलिटी घटी है। ऐसे में, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और मार्केट शेयर बढ़ाने के लिए कीमतों पर दबाव के बीच मार्जिन सस्टेन कर पाना एक बड़ा सवाल है। AI इंटीग्रेशन एक अच्छी स्ट्रेटेजी है, लेकिन क्या यह कंपनी को इतना प्राइसिंग पावर देगा कि वह मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट बढ़ने के बावजूद मुनाफा बढ़ा सके, यह देखना बाकी है।
आगे की राह और एनालिस्ट की राय
एनालिस्ट्स की राय Voltas पर मिली-जुली है। ज्यादातर 'न्यूट्रल' या 'आउटपरफॉर्म' की रेटिंग दे रहे हैं, लेकिन कई 'होल्ड' की सलाह भी दे रहे हैं। 34 एनालिस्ट्स के मुताबिक, अगले 12 महीनों में शेयर का औसत टारगेट प्राइस INR 1,426.17 है, जो मौजूदा स्तरों से कुछ गिरावट का संकेत देता है। हालांकि, BofA Securities ने हाल ही में Voltas को 'बाय' रेटिंग देते हुए INR 1,555.00 का टारगेट प्राइस दिया है। उनका मानना है कि 2026 में सामान्य गर्मी की उम्मीद और लागत में संभावित कमी से कंपनी के नतीजों में सुधार हो सकता है। कुछ एनालिस्ट्स FY26 के लिए रेवेन्यू ग्रोथ -5.1% और प्रॉफिट ग्रोथ -32.8% रहने का अनुमान लगा रहे हैं। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर के लिए सरकार की नीतियां, जैसे GST में राहत और मैन्युफैक्चरिंग इंसेंटिव, आने वाले बजट 2026 में महत्वपूर्ण हो सकती हैं।
