HDFC Securities ने भारत के वैल्यू रिटेल सेक्टर में Vishal Mega Mart पर अपनी कवरेज की शुरुआत की है और शेयर को 'Buy' रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने शेयर के लिए ₹130 का टारगेट प्राइस सेट किया है, जो इसके हालिया क्लोजिंग प्राइस ₹114.59 से करीब 14% की संभावित बढ़ोतरी का संकेत देता है।
ग्रोथ की मजबूत उम्मीदें:
HDFC Securities का मानना है कि Vishal Mega Mart की टियर-II और छोटे शहरों में मजबूत पकड़, प्राइवेट ब्रांड्स का अच्छा पोर्टफोलियो और प्राइस-सेंसिटिव ग्राहकों पर फोकस इसे आगे ले जाएगा। ब्रोकरेज का अनुमान है कि कंपनी के रेवेन्यू में फाइनेंशियल ईयर 2026 से 2028 के बीच सालाना लगभग 18% और EBITDA में 21% की वृद्धि हो सकती है। वहीं, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में इस दौरान सालाना करीब 26% की बढ़ोतरी की उम्मीद है। कंपनी का मार्केट कैप फिलहाल लगभग ₹53,527 करोड़ है।
वैल्यूएशन और इंडस्ट्री से तुलना:
Vishal Mega Mart का पिछले बारह महीनों का P/E रेश्यो लगभग 68.1x है। यह इंडस्ट्री के औसत P/E रेश्यो 36.7x से काफी ज्यादा है। हालांकि, यह Trent (155x) और Avenue Supermarts (124x) जैसे तेज़ी से बढ़ते प्रतिस्पर्धियों से कम है।
मार्केट में VMML की पोजीशन:
Vishal Mega Mart, भारत के विशाल रिटेल मार्केट (जिसका मूल्य लगभग $1.4 ट्रिलियन है और 2032 तक $2 ट्रिलियन तक पहुंचने का अनुमान है) में अपनी जगह बना रहा है। कंपनी अपने स्टोर्स में 44% बिक्री कपड़ों से, 28% FMCG (फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स) से और 28% जनरल मर्चेंडाइज से करती है। इसका फोकस टियर-II और छोटे शहरों पर है, जो इसके 74% बिजनेस का हिस्सा हैं। कंपनी के प्राइवेट लेबल (खुद के ब्रांड) रेवेन्यू का लगभग 75% हिस्सा बनाते हैं, जो इसकी वैल्यू प्राइसिंग स्ट्रेटेजी का मुख्य आधार है।
एक्सपेंशन और प्राइवेट लेबल्स:
कंपनी की योजना हर साल लगभग 100 नए स्टोर खोलने की है, जिसका लक्ष्य 15 वर्षों में लगभग 1,500 स्टोर तक पहुंचना है। इस 'एसेट-लाइट' ऑपरेटिंग मॉडल के कारण कंपनी कम पूंजी में तेजी से विस्तार कर सकती है। 9 महीने के अंत तक (जो 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुआ) कंपनी ने 19.9% का रेवेन्यू ग्रोथ और 29.9% का PAT ग्रोथ दर्ज किया था।
प्रमोटरों की बड़ी बिकवाली बनी चिंता:
Vishal Mega Mart के लिए सबसे बड़ी चिंता इसके प्रमोटरों द्वारा लगातार की जा रही बड़ी हिस्सेदारी की बिक्री है। जून 2025 से फरवरी 2026 के बीच, प्रमोटर एंटिटीज (जिनमें Kedaara Capital और Partners Group द्वारा समर्थित Samayat Services LLP शामिल हैं) ने कंपनी के 33.8% से अधिक शेयरों की बिक्री की है, जिससे ₹18,000 करोड़ से ज्यादा की रकम जुटाई गई है। इसके कारण प्रमोटरों की हिस्सेदारी 74% से घटकर लगभग 40% रह गई है, जो कंपनी के नियंत्रण के लिए आवश्यक 51% से काफी कम है। हालांकि संस्थागत निवेशकों ने शेयर खरीदे हैं, लेकिन प्रमोटरों की यह बड़ी बिकवाली निवेशकों के आत्मविश्वास को प्रभावित कर सकती है और बाजार में अतिरिक्त शेयर आने का जोखिम पैदा कर सकती है।
अन्य जोखिम:
बढ़ती महंगाई (वर्तमान में 3.4%), ऑनलाइन विक्रेताओं से कड़ी प्रतिस्पर्धा और Reliance Retail जैसी बड़ी कंपनियों से मुकाबला भी कंपनी के लिए चुनौतियां पेश कर सकते हैं।
विश्लेषकों का नजरिया:
इन चिंताओं के बावजूद, 15 विश्लेषकों में से अधिकांश 'Strong Buy' रेटिंग दे रहे हैं। औसत 12-महीने का टारगेट प्राइस ₹149.33 है, जबकि कुछ टारगेट ₹190 तक भी जा रहे हैं।