टीम इंडिया के पूर्व कप्तान विराट कोहली ने अपने लाइफस्टाइल ब्रांड One8 को नए सिरे से लॉन्च किया है। उन्होंने Agilitas Sports के साथ मिलकर यह कदम उठाया है, जिसमें खुद करीब **₹40 करोड़** का निवेश किया है। यह नया वेंचर Puma India से अलग होने के बाद आया है और इसका मकसद Agilitas की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का इस्तेमाल कर एक टिकाऊ कंज्यूमर बिजनेस तैयार करना है।
विराट कोहली ने बदली बिजनेस स्ट्रैटेजी
विराट कोहली ने अपने बिजनेस प्लान में बड़ा बदलाव करते हुए अपने लाइफस्टाइल ब्रांड One8 को Agilitas Sports के बैनर तले फिर से लॉन्च किया है। इस नए वेंचर में कोहली ने खुद करीब ₹40 करोड़ का निवेश किया है। यह कदम उनके पिछले एंडोर्समेंट रोल से हटकर है। कोहली ने Agilitas Sports की सह-स्थापना अभिषेक(Abhishek) गैंगुली के साथ की है, जो पहले Puma India और साउथ ईस्ट एशिया के मैनेजिंग डायरेक्टर रह चुके हैं।
स्ट्रेटेजिक शिफ्ट और ऑपरेशनल बैकबोन
यह कदम कोहली के Puma India के साथ ₹110 करोड़ के हाई-प्रोफाइल एंडोर्समेंट डील को खत्म करने के बाद उठाया गया है। Agilitas Sports के साथ साझेदारी करके, यह ब्रांड सिर्फ सेलेब्रिटी प्रमोशन से आगे बढ़कर ऑपरेशनल कंट्रोल पर ध्यान केंद्रित करना चाहता है। Agilitas मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में मजबूत पकड़ रखता है, खासकर फुटवियर मैन्युफैक्चरर Mochiko Shoes के अधिग्रहण के बाद। इसके अलावा, कंपनी के पास इटैलियन ब्रांड Lotto के इंडिया लाइसेंसिंग राइट्स भी हैं, जो One8 के विस्तार के लिए एक तैयार डिस्ट्रीब्यूशन और सप्लाई चेन फ्रेमवर्क प्रदान करता है।
सेलेब्रिटी-ब्रांडेड मार्केट की चुनौतियाँ
भारत में कंज्यूमर ब्रांड बनाना एक मुश्किल चुनौती बनी हुई है। कई सेलेब्रिटी-लेड वेंचर्स ऐतिहासिक रूप से क्वालिटी में असंगति, कमजोर डिस्ट्रीब्यूशन और गलत प्राइसिंग से जूझते रहे हैं। Nush और SKULT जैसे कई हाई-प्रोफाइल ब्रांड्स को अतीत में ग्रोथ को लेकर बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। मौजूदा मार्केट में भी कंसोलिडेशन दिख रहा है, जहां Reliance Retail जैसी कंपनियां Ed-a-Mamma जैसे ब्रांड्स में हिस्सेदारी खरीदकर ऑपरेशन को स्थिर कर रही हैं।
कोहली के अपने पोर्टफोलियो में भी रिटेल सेगमेंट की मुश्किलें झलकती हैं। फाइनेंशियल फाइलिंग्स के अनुसार, उनके फैशन-लाइफस्टाइल ब्रांड Wrogn ने 2024-25 के फाइनेंशियल ईयर के लिए ₹232.34 करोड़ की कुल इनकम में 12.5% की गिरावट दर्ज की। इसी अवधि में, ब्रांड का नेट लॉस 32% बढ़कर ₹75.5 करोड़ हो गया। इतना ही नहीं, उनके रेस्टोरेंट वेंचर One8 Commune को भी रेगुलेटरी चिंताओं के कारण ऑपरेशनल रीस्ट्रक्चरिंग से गुजरना पड़ा है, जो नॉन-स्पोर्टिंग बिजनेस को स्केल करने की जटिलताओं को उजागर करता है।
प्रोडक्ट इनोवेशन पर फोकस
आम इंडस्ट्री की समस्याओं से निपटने के लिए, Agilitas आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और 3D मॉडलिंग जैसी नई मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजीज को अपना रहा है। कंपनी अपने प्रोडक्ट डेवलपमेंट साइकिल को तेज करने का लक्ष्य रखती है, जिसका टर्नअराउंड टाइम कॉन्सेप्ट से लेकर फाइनल डिलीवरी तक तीन महीने से कम रखने का अनुमान है। यह बड़े ग्लोबल फुटवियर ब्रांड्स के स्टैंडर्ड दो साल के साइकिल से काफी अलग है। मैनेजमेंट के लिए इस फेज में मुख्य सफलता का पैमाना कस्टमर रिटेंशन होगा, खासकर यह देखना कि क्या कंज्यूमर पहले साल के भीतर दोबारा खरीदारी करते हैं। निवेशकों और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स की नजरें इस बात पर रहेंगी कि ब्रांड अपनी सेलेब्रिटी-ड्रिवन मार्केटिंग को इन ऑपरेशनल लक्ष्यों के साथ कैसे संतुलित करता है ताकि लंबी अवधि में प्रॉफिटेबिलिटी हासिल की जा सके।
