Virat Kohli: टीम इंडिया के कैप्टन ने खोला नया मोर्चा! फिटनेस कंपनी में खरीदी इतनी हिस्सेदारी

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Virat Kohli: टीम इंडिया के कैप्टन ने खोला नया मोर्चा! फिटनेस कंपनी में खरीदी इतनी हिस्सेदारी

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली और उनके भाई विकास कोहली ने फिटनेस चेन 'Vault' में **28%** हिस्सेदारी खरीदी है। साल **2023** में शुरू हुए इस स्टार्टअप की योजना इस साल के अंत तक **50** से अधिक क्लब खोलने की है, खासकर बड़े शहरों के बाहर के बाजारों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

कोहली भाइयों का फिटनेस में बड़ा दांव!

भारतीय क्रिकेट के सुपरस्‍टार विराट कोहली और उनके भाई विकास कोहली ने अब फिटनेस की दुनिया में कदम रखा है। दोनों भाइयों ने मशहूर जिम चेन 'Vault' में 28% इक्विटी हिस्सेदारी खरीदी है। यह कदम कोहली भाइयों के लिए उपभोक्ता-केंद्रित फिटनेस सेक्टर में एक महत्वपूर्ण विस्तार है, जहां भारत भर में प्रीमियम और बजट-फ्रेंडली दोनों तरह के जिम फ्रेंचाइजी से कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है।

'Vault' का विस्तार प्लान

'Vault' की शुरुआत साल 2023 में हुई थी, जिसके फाउंडर मुकेश गोगिया हैं, जिन्हें फिटनेस इंडस्ट्री का काफी अनुभव है। फिलहाल, यह ब्रांड 30,000 से अधिक सदस्यों का दावा करता है। इस नए निवेश के बाद, कंपनी ने साल 2026 के अंत तक 50 से अधिक ऑपरेशनल क्लब का नेटवर्क बनाने का बड़ा लक्ष्य रखा है। इन फिटनेस सेंटर्स का साइज़ लोकेशन और डिज़ाइन के हिसाब से 6,000 से 25,000 वर्ग फुट तक होता है।

टियर-2 और टियर-3 शहरों पर खास फोकस

'Vault' का बिज़नेस मॉडल बड़े महानगरों जैसे दिल्ली के बाहर के शहरों में प्रीमियम फिटनेस सेवाएं पहुंचाना है। छोटे शहरों जैसे गोरखपुर में भी यह अपनी सेवाएं दे रहा है। इन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करके, कंपनी भारत के छोटे शहरी केंद्रों में बढ़ती डिस्पोजेबल इनकम और स्वास्थ्य जागरूकता का फायदा उठाना चाहती है। इस प्लान को सपोर्ट करने के लिए, ब्रांड ने Matrix, Torque USA और Precor जैसे अंतरराष्ट्रीय फिटनेस इक्विपमेंट ब्रांड्स में निवेश किया है, साथ ही अपने क्लबों में Hyperice जैसी रिकवरी टेक्नोलॉजी भी शामिल की है।

भविष्य की राह और इंडस्ट्री की चुनौतियाँ

भारतीय फिटनेस और वेलनेस सेक्टर बहुत बड़ा और बिखरा हुआ है, जहां कई कंपनियां मार्केट शेयर के लिए जोर-आजमाइश कर रही हैं। स्थापित चेन और नए फ्रेंचाइजी मॉडल वाले खिलाड़ी इस वक्त रियल एस्टेट किराए और महंगे इंपोर्टेड मशीनरी के रखरखाव जैसे हाई ऑपरेशनल खर्चों से जूझ रहे हैं। निवेशकों के लिए, सबसे बड़ा सवाल यह है कि कंपनी तेजी से फ्रैंचाइज़ी मॉडल के ज़रिए विस्तार करते हुए अपने प्रॉफिट मार्जिन को कैसे बनाए रखेगी। तेजी से विस्तार के लिए अक्सर भारी कैपिटल की ज़रूरत होती है, और ऐसे ब्रांड की लंबी अवधि की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि वह बड़े फॉर्मेट की सुविधाओं को चलाने की लागत के साथ मेंबर एक्विजिशन को कैसे संतुलित कर पाता है।

जैसे-जैसे 'Vault' 50 क्लब के अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, बाजार के जानकारों की नजरें नए क्लबों के खुलने की रफ्तार और विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में मेंबर एक्सपीरियंस की स्थिरता पर रहेगी। कंपनी का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि वह छोटे शहरों में ग्राहकों को कैसे बनाए रख पाती है, जहाँ मेट्रो शहरों की तुलना में कीमत के प्रति अधिक संवेदनशीलता हो सकती है। इस स्पेस में रुचि रखने वाले निवेशक यह भी देखेंगे कि क्या कंपनी उन क्षेत्रों में मौजूदा ऑर्गेनाइज्ड जिम चेनों के खिलाफ सफलतापूर्वक प्रतिस्पर्धा कर पाती है, जिन्होंने पहले से ही अपनी जगह बना ली है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.