Melody टॉफी पर बम्पर डिमांड, लेकिन निवेशकों की लग गई लॉटरी! जानें क्यों

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AuthorNeha Patil|Published at:
Melody टॉफी पर बम्पर डिमांड, लेकिन निवेशकों की लग गई लॉटरी! जानें क्यों
Overview

प्रधानमंत्री मोदी के इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी को 'मेलोडी' टॉफी गिफ्ट करने के बाद इसकी ऑनलाइन डिमांड में 50 गुना का उछाल आया है। लेकिन इस वायरल मोमेंट ने निवेशकों को कन्फ्यूज कर दिया, जिन्होंने Parle Products के बजाय गलती से Parle Industries के शेयर खरीद लिए।

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वायरल कूटनीति से बढ़ी डिमांड, कन्फ्यूजन से शेयर बाज़ार में हलचल

एक कूटनीतिक तोहफे ने 'मेलोडी' टॉफी की डिमांड में अचानक भारी उछाल ला दिया है, और शेयर बाज़ार में भी अजीबोगरीब प्रतिक्रिया देखने को मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को 'मेलोडी' टॉफी गिफ्ट करने के फैसले ने सोशल मीडिया पर धूम मचा दी है और कंज्यूमर ऑर्डर में भारी वृद्धि दर्ज की गई है।

ऑनलाइन ऑर्डर्स में भूचाल

इस कूटनीतिक आदान-प्रदान के बाद गूगल पर 'मेलोडी' और 'मेलोनी मेलोडी' की सर्च में जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई। इस ऑनलाइन बज का असर तुरंत असल बिक्री में बदला। ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर मेलोडी टॉफी के ऑर्डर में लगभग 50 गुना की वृद्धि की रिपोर्ट आई है। लोकप्रिय टॉफी के निर्माता, Parle Products ने पुष्टि की है कि दोपहर तक उनके डार्क स्टोर इन्वेंटरी का लगभग 40-45% बिक चुका था, जिससे कंपनी को भारी मांग को पूरा करने के लिए स्टॉक बढ़ाने की कोशिशें तेज करनी पड़ीं। इस घटना ने भारतीय ब्रांडों की ग्लोबल प्रोफाइल को भी बढ़ाया है, क्योंकि मेलोडी पहले से ही 100 से अधिक देशों में उपलब्ध है।

शेयर बाज़ार में कन्फ्यूजन

जबकि कैंडी की मांग आसमान छू रही थी, निवेशकों का ध्यान शेयर बाज़ार की ओर गया, जिससे भारी कन्फ्यूजन पैदा हुआ। कई ट्रेडर्स ने गलती से यह मान लिया कि मेलोडी टॉफी का निर्माता Parle Industries है, जो कि वेस्ट मैनेजमेंट और रीसाइक्लिंग पर केंद्रित कंपनी है। इस गलती के कारण Parle Industries के शेयर, जिसमें पिछले तीन महीनों में 35% की गिरावट देखी गई थी, BSE पर 5% के अपर सर्किट पर पहुंच गए। ट्रेडिंग वॉल्यूम दोगुने से अधिक होकर 8.5 लाख शेयरों को पार कर गया। ₹24.3 करोड़ के मार्केट कैप वाली स्मॉल-कैप कंपनी Parle Industries ने साल-दर-तारीख 41% तक की गिरावट का सामना किया है।

दोनों Parle कंपनियों में अंतर

मेलोडी टॉफी का असली निर्माता Parle Products एक प्राइवेट कंपनी है और किसी भी स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड नहीं है। 1929 में स्थापित, यह भारत के कन्फेक्शनरी और बिस्किट बाज़ार में एक बड़ा नाम है, जो Parle-G जैसे ब्रांड्स के लिए जानी जाती है। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 23 में लगभग ₹17,223 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया था। दूसरी ओर, Parle Industries इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों में काम करती है, और इसका मार्केट कैप ₹25.6 करोड़ के आसपास है। कंपनी का फाइनेंशियल प्रदर्शन चुनौतीपूर्ण रहा है।

गलत सूचना से बढ़ी अटकलें

फाइनेंशियल एनालिस्ट्स Parle Industries के शेयर में आई इस तेजी को गलत सूचना और पहचान के कन्फ्यूजन से प्रेरित एक स्पष्ट सट्टा व्यापार का मामला मान रहे हैं। यह घटना एक व्यापक बाज़ार जोखिम को उजागर करती है, जहाँ वायरल सोशल मीडिया ट्रेंड्स छोटी, कम जांच वाली स्टॉक्स को असमान रूप से प्रभावित कर सकती हैं। कंपनी के फंडामेंटल्स शेयर में आई इस तेजी को सही नहीं ठहराते, जो पहले ही काफी गिरावट का इतिहास रखता है।

ब्रांड विजिबिलिटी और भविष्य की ग्रोथ

Parle Products के लिए, यह 'मेलोडी मोमेंट' एक अप्रत्याशित लेकिन शक्तिशाली मार्केटिंग बूस्ट के रूप में काम करता है, जिसने विश्व स्तर पर इसकी ब्रांड विजिबिलिटी को काफी बढ़ाया है। कंपनी अपनी अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति का और विस्तार करने का लक्ष्य रखती है। इस वायरल घटना ने मेलोडी ब्रांड को ग्लोबल स्पॉटलाइट में ला दिया है, जो Parle Products के संभावित IPO पर चर्चा जारी रखने के साथ-साथ भविष्य की ग्रोथ के लिए एक अनूठा अवसर प्रस्तुत करता है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.