Philips के घरेलू उपकरणों का कामकाज देखने वाली कंपनी Versuni India अपने रिटेल फुटप्रिंट को बढ़ाकर **20,000** आउटलेट्स तक ले जाने की तैयारी में है। कंपनी का फोकस अब छोटे शहरों (Tier-III और IV) पर है, लेकिन निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि यह एक अनलिस्टेड कंपनी है।
छोटे शहरों पर कंपनी की नजर
Versuni India Home Solutions Limited अब ई-कॉमर्स और क्विक-कॉमर्स से आगे बढ़कर फिजिकल रिटेल पर दांव लगा रही है। वर्तमान में ई-कॉमर्स चैनल कंपनी की कुल सेल्स में लगभग 25% का योगदान देते हैं, लेकिन अब कंपनी की योजना अपने डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को 20,000 आउटलेट्स तक ले जाने की है। इसका सीधा मकसद उन ग्राहकों तक पहुंचना है जो ऑनलाइन ऑर्डर देने से पहले उत्पादों को खुद देखना पसंद करते हैं। इसके साथ ही कंपनी 2,000 से ज्यादा पिन कोड्स में अपनी आफ्टर-सेल्स सर्विस को और मजबूत कर रही है।
'मेक इन इंडिया' पर जोर
ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाने के लिए कंपनी चेन्नई और अहमदाबाद की अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स की क्षमता बढ़ा रही है। चेन्नई प्लांट में एयर फ्रायर मोटर्स जैसे अहम पार्ट्स को अब लोकली असेंबल किया जा रहा है। कंपनी का 90% से 95% पोर्टफोलियो भारत में ही तैयार हो रहा है, जिससे इम्पोर्ट पर निर्भरता कम हुई है और ₹5,000 से ₹20,000 की रेंज वाले उत्पादों की लागत को मैनेज करना आसान हो गया है।
निवेशकों के लिए जरूरी बात
Versuni India ने हाल के वर्षों में डबल-डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है और यह एक कर्ज-मुक्त (debt-free) कंपनी है। हालांकि, बाजार में भ्रम से बचने के लिए यह समझना जरूरी है कि यह भारत में लिस्टेड Philips की कंपनियों से अलग है। यह एक अनलिस्टेड पब्लिक एंटिटी है, जिसका मतलब है कि इसके शेयर NSE या BSE पर नहीं मिलते और आम निवेशक इसमें सीधे निवेश नहीं कर सकते।
चुनौतियां और कॉम्पिटिशन
भारतीय कंज्यूमर ड्यूरेबल्स मार्केट बेहद कॉम्पिटिटिव है। बड़े खिलाड़ियों के बीच मार्जिन का दबाव हमेशा बना रहता है। कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती अपने विशाल रिटेल नेटवर्क की लागत को संभालते हुए मुनाफे को बरकरार रखना है। साथ ही, करेंसी में उतार-चढ़ाव और ग्लोबल सप्लाई चेन में होने वाली कोई भी हलचल भविष्य में कंपनी के लिए रिस्क का कारण बन सकती है।
