कॉन्डिमेंट्स बनाने वाली कंपनी Veeba ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी का एनुअल रेवेन्यू **₹1,000 करोड़** को पार कर गया है और FY24 में कंपनी **₹28.80 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज करने में सफल रही है।
गुरुग्राम स्थित कॉन्डिमेंट्स और सॉस मेकर कंपनी Veeba ने एक बड़ा मील का पत्थर पार कर लिया है। कंपनी ने अब ₹1,000 करोड़ का एनुअल रेवेन्यू हासिल कर लिया है। यह सफलता कंपनी के लिए आसान नहीं थी, क्योंकि एक समय यह कंपनी घाटे में चल रही थी, लेकिन अब फाइनेंशियल ईयर 2024 में ₹28.80 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाकर कंपनी ने अपनी मजबूती दिखाई है।
बदलाव की कहानी (The Strategic Shift)
इस बदलाव के पीछे संस्थापक Viraj Bahl की दूरदर्शिता है। 2013 में अपने रेस्टोरेंट चेन 'Pocket Full' को बंद करने के बाद, Bahl ने रेस्टोरेंट सेक्टर से पूरी तरह बाहर निकलने का फैसला किया। अपने पुराने अनुभव—जो उन्होंने फैमिली बिजनेस 'Fun Foods' (जिसे 2008 में Dr Oetker को बेचा गया था) से सीखा था—उसका इस्तेमाल उन्होंने मैन्युफैक्चरिंग में किया। बड़ी फूड चेन को सप्लाई देकर कंपनी ने पहले अपनी जड़ें जमाईं और फिर रिटेल मार्केट में कदम रखा।
घाटे से मुनाफे तक का सफर
कंपनी के लिए शुरुआती साल चुनौतीपूर्ण रहे। 2012 से 2019 के बीच कंपनी ने मुनाफे से ज्यादा मार्केट हिस्सेदारी पर ध्यान दिया। FY20 में कंपनी का घाटा बढ़कर लगभग ₹72 करोड़ तक पहुंच गया था। हालांकि, इसके बाद कंपनी ने अपना रुख बदला और FY23 तक आते-आते घाटे को काफी कम कर लिया। इस टर्नअराउंड को $58.2 मिलियन की इक्विटी फंडिंग से काफी सपोर्ट मिला, जो DSG Consumer Partners, Saama Capital, Verlinvest और Sixth Sense Ventures जैसे निवेशकों से जुटाई गई थी।
भविष्य की राह
पिछले 5 वर्षों में 26% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) के साथ Veeba ने अपनी मांग साबित की है। अब चुनौती इन मार्जिन को बनाए रखने की है, क्योंकि कच्चे माल की बढ़ती कीमतें और बाजार में भारी प्रतिस्पर्धा अभी भी एक बड़ा फैक्टर हैं। निवेशकों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि कंपनी कैसे अपने कैश फ्लो और कर्ज को मैनेज करते हुए मार्केट में अपनी पकड़ बनाए रखती है।
