Manyavar की पेरेंट कंपनी Vedant Fashions ने शानदार तिमाही नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के नेट प्रॉफिट में **14.7%** की बढ़ोतरी हुई है और यह **₹80.6 करोड़** रहा। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू भी बढ़कर **₹301.4 करोड़** हो गया। लेकिन, नतीजे आने के साथ ही एक और बड़ी खबर आई - कंपनी ने अपने रिटेल स्टोर के कुल एरिया में कटौती की है।
Detailed Coverage
Vedant Fashions के तिमाही नतीजे
Vedant Fashions, जो कि पॉपुलर एथनिक वियर ब्रांड Manyavar की मालिक है, ने 2027 फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही (30 जून 2026 को समाप्त) में ₹80.6 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। यह पिछले साल की इसी अवधि के ₹70.3 करोड़ की तुलना में 14.7% की बढ़ोतरी है। कंपनी के रेवेन्यू में भी 7.2% का इजाफा हुआ और यह ₹301.4 करोड़ पर पहुंच गया। यह आंकड़े बताते हैं कि प्रीमियम एथनिक वियर की डिमांड में लगातार बढ़ोतरी बनी हुई है।
EBITDA और रिटेल नेटवर्क में बदलाव
ऑपरेशन्स में एफिशिएंसी पर कंपनी का फोकस जारी रहा, जिससे EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमोर्टाइजेशन से पहले की कमाई) 8.6% बढ़कर ₹131 करोड़ हो गया। इसके चलते EBITDA मार्जिन भी सुधरकर 43.5% पर पहुंच गया, जो पिछले साल 42.9% था। यह दिखाता है कि रिटेल सेक्टर की चुनौतियों के बावजूद, कंपनी अपनी प्राइसिंग पावर और कॉस्ट कंट्रोल को बनाए रखने में कामयाब रही है।
हालांकि, कंपनी के फिजिकल रिटेल एक्सपेंशन में धीमी गति देखी गई है, और स्टोर फुटप्रिंट में कमी आई है। जून तिमाही के दौरान, कंपनी के एक्सक्लूसिव ब्रांड आउटलेट्स (EBOs) द्वारा कवर किए गए कुल एरिया में 15,100 वर्ग फुट की कमी आई। इसी तरह, कंपनी ने शॉप-इन-शॉप (SIS) नेटवर्क और इंटरनेशनल स्टोर्स में भी कमी दर्ज की है। जून 2026 तक, रिटेल नेटवर्क में 501 EBOs शामिल हैं, जिनका कुल एरिया 1.67 मिलियन वर्ग फुट है और ये 205 शहरों में फैले हैं। इसके अलावा 136 SIS यूनिट्स और 14 इंटरनेशनल स्टोर्स भी हैं। निवेशकों के लिए यह देखना अहम होगा कि क्या फिजिकल स्पेस में यह कमी अंडरपरफॉर्मिंग लोकेशन्स को ऑप्टिमाइज़ करने की एक स्ट्रेटेजिक चाल है या फिर कंज्यूमर शॉपिंग पैटर्न में बदलाव का जवाब।
लीडरशिप और गवर्नेंस अपडेट
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस के अलावा, कंपनी ने अपनी लीडरशिप टीम में स्थिरता की घोषणा की है। बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने रवि मोदी को 5 साल के एक और टर्म के लिए चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में फिर से नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है, जो 28 अगस्त, 2026 से प्रभावी होगा। शिल्पी मोदी को भी होल-टाइम डायरेक्टर के रूप में फिर से नियुक्त किया गया है। ये लीडरशिप कंटीन्यूटी के फैसले कंपनी की आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी के अधीन हैं।
इसके अतिरिक्त, बोर्ड ने मनीष महेंद्र चोकसी को सितंबर 2026 से शुरू होने वाले 5 साल के दूसरे टर्म के लिए नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में फिर से नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। एक स्थिर बोर्ड और मैनेजमेंट टीम बनाए रखना अक्सर मार्केट पार्टिसिपेंट्स द्वारा कंसिस्टेंट गवर्नेंस का संकेत माना जाता है। निवेशकों को यह देखना होगा कि ये लीडर्स भारतीय रिटेल सेक्टर के मौजूदा कॉम्पिटिटिव लैंडस्केप में कैसे आगे बढ़ते हैं। शेयरहोल्डर्स के लिए अगला महत्वपूर्ण पहलू कंपनी के मैनेजमेंट की भविष्य की एक्सपेंशन योजनाओं पर कमेंट्री और बदलते कंज्यूमर ट्रेंड्स के सामने मौजूदा प्रॉफिट मार्जिन की सस्टेनेबिलिटी पर ध्यान देना होगा।
