Varun Beverages के शेयरों में बुधवार को लगभग **3%** की गिरावट दर्ज की गई। बाजार ने कंपनी के रेडी-टू-ड्रिंक (RTD) अल्कोहलिक बेवरेज मार्केट में प्रवेश करने के फैसले पर सतर्क प्रतिक्रिया दी है।
Varun Beverages Limited (VBL) के शेयर बुधवार को दबाव में दिखे और ₹425 से ₹431 के दायरे में ट्रेड करते हुए लगभग 2.6% से 3% तक गिर गए। कंपनी द्वारा बिजनेस में बड़े रणनीतिक बदलाव की घोषणा के बावजूद स्टॉक में यह गिरावट निवेशकों की सतर्कता को दर्शाती है।
शराब कारोबार में एंट्री और इंटरनेशनल विस्तार
कंपनी ने 25 अगस्त, 2026 को रेडी-टू-ड्रिंक (RTD) अल्कोहलिक बेवरेजेज सेगमेंट में उतरने का ऐलान किया है। इस नए बिजनेस के लिए VBL ने 'KIVA Spirits and Company Limited' नाम से एक पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी बनाई है, जिसकी अधिकृत शेयर कैपिटल ₹10 करोड़ है। इस नई पहल के लिए कंपनी ने Diageo के पूर्व अनुभवी एग्जीक्यूटिव प्रथमेश मिश्रा को CEO और MD नियुक्त किया है। इसके साथ ही, कंपनी ट्यूनीशिया में एक जॉइंट वेंचर के जरिए अपनी पकड़ मजबूत कर रही है, जहां वह 75% हिस्सेदारी रखेगी।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और चुनौतियां
कंपनी ने 2026 के दूसरे क्वार्टर में रेवेन्यू 20.4% बढ़कर ₹8,451 करोड़ दर्ज किया, जबकि नेट प्रॉफिट 15.1% बढ़कर ₹1,525 करोड़ रहा। हालांकि, EBITDA मार्जिन 76 बेसिस पॉइंट्स घटकर 27.7% पर आ गया। मार्जिन पर यह दबाव मुख्य रूप से 'Twizza' बिजनेस के एकीकरण के कारण है, जो कम मार्जिन वाला कारोबार है।
जानकारों का मानना है कि भारतीय शराब बाजार में कड़ी प्रतिस्पर्धा और ब्रांड बिल्डिंग पर होने वाला भारी खर्च कंपनी के लिए नई चुनौतियां ला सकता है। साथ ही, कच्चे तेल की कीमतों के चलते PET रेजिन की लागत और मौसम पर निर्भरता जैसे मैक्रो रिस्क भी निवेशकों की चिंता का सबब बने हुए हैं।
