कंपनी की बिक्री में कुल 16.3% की ग्रोथ देखी गई। इसमें भारत का योगदान 14.4% रहा, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों ने 21.4% की तेज़ रफ्तार से प्रदर्शन किया। इस शानदार ग्रोथ के पीछे मजबूत मांग और कंपनी की बेहतरीन एग्जीक्यूशन (Execution) रणनीति रही।
ऑपरेशंस (Operations) से EBITDA में 21% का उछाल आया और यह ₹1,528.9 करोड़ पर पहुंच गया। EBITDA मार्जिन भी पिछले साल के 22.7% से बढ़कर 23.3% हो गया। ग्रॉस मार्जिन 0.62 प्रतिशत अंकों की सुधार के साथ 55.2% रहा, जो कि बढ़ते इनपुट कॉस्ट के बावजूद शुरुआती रॉ मटेरियल की खरीद का नतीजा है।
कंपनी ने दक्षिण अफ्रीका में Twizza का अधिग्रहण पूरा कर अपनी अंतर्राष्ट्रीय पैठ मजबूत की है। इससे वहाँ उत्पादन क्षमता और बाज़ार तक पहुंच दोनों बढ़ेंगी। इसके अलावा, Varun Beverages ने Crickley Dairy को खरीदने का भी करार किया है, जो वैल्यू-एडेड डेयरी और जूस उत्पादों में विस्तार की ओर इशारा करता है।
कंपनी के शानदार प्रदर्शन को देखते हुए बोर्ड ने ₹0.50 प्रति इक्विटी शेयर का अंतरिम डिविडेंड (Dividend) भी घोषित किया है। हालांकि, सोमवार को शेयर में मामूली 3.24% की बढ़त दिखी, पर पिछले एक साल में यह 5% से ज़्यादा गिर चुका है और Nifty 100 के लगभग 1% के मामूली लाभ से पिछड़ गया है।
