Varun Beverages (VBL) के शेयरों में पिछले एक महीने में करीब **15%** की गिरावट आई है। यह गिरावट बढ़ती महंगाई, खासकर कच्चे माल की कीमतों में इजाफा और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के चलते हुई है।
बढ़ती लागत और प्रतिस्पर्धा का असर
Varun Beverages का शेयर पिछले महीने 15% तक गिर गया, जबकि इसी दौरान निफ्टी में मामूली बढ़त दर्ज की गई। इस गिरावट की मुख्य वजहें कंपनी के सामने आ रही ऑपरेशनल दिक्कतें हैं। सॉफ्ट ड्रिंक सेगमेंट में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और चीनी (sugar) व PET चिप्स जैसे कच्चे माल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। वहीं, पश्चिम एशिया में चल रहे भू-राजनीतिक तनावों ने भी कच्चे माल की खरीद लागत को लेकर अनिश्चितता बढ़ा दी है, जिसका असर कंपनी के स्टॉक पर दिख रहा है।
नए कॉम्पटीटर्स और महंगाई का दबाव
पेय पदार्थ उद्योग में इस समय गलाकाट प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है, जिसमें Campa Cola जैसे ब्रांड्स की सक्रियता बढ़ी है। इस प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ, प्रमुख इनपुट्स में महंगाई का दबाव भी कंपनी के लिए चुनौतीपूर्ण माहौल बना रहा है। हालांकि, कंपनी अक्सर समय से पहले खरीदारी करके लागत महंगाई को मैनेज करती है, लेकिन कमोडिटी की कीमतों में अस्थिरता अभी भी प्रॉफिट मार्जिन पर नजर रखने वालों के लिए एक चिंता का विषय है।
विस्तार और पोर्टफोलियो में विविधता
शेयरों में हालिया गिरावट के बावजूद, Varun Beverages विविधीकरण (diversification) के जरिए लंबी अवधि की ग्रोथ पर फोकस कर रही है। फिलहाल, कंपनी के कुल वॉल्यूम में 74% हिस्सेदारी कार्बनटेड सॉफ्ट ड्रिंक्स की है, लेकिन कंपनी एनर्जी ड्रिंक और डेयरी सेगमेंट में तेजी से विस्तार कर रही है। Sting और Nimbooz जैसे ब्रांड्स ने 50% से 60% तक की डोमेस्टिक ग्रोथ दिखाई है, जिससे कंपनी की पारंपरिक सोडा बिक्री पर निर्भरता कम हुई है। इसके अलावा, कंपनी कम और शुगर-फ्री (low and no-sugar) पेय पदार्थों की ओर भी अपना प्रोडक्ट मिक्स बढ़ा रही है, जो अब कंपनी के कुल वॉल्यूम का लगभग 63% है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में पैठ और भविष्य की रणनीति
कंपनी के कुल रेवेन्यू में अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशंस का योगदान करीब 31% है और यह डोमेस्टिक बिजनेस की तुलना में तेजी से बढ़ रहा है। निवेशकों के लिए एक अहम अपडेट यह है कि कंपनी केन्या में Devyani Food Industries के डेयरी, जूस और पानी के बिजनेस को करीब ₹305 करोड़ में अधिग्रहित (acquire) कर रही है। यह डील 1 अगस्त, 2026 तक पूरी होने की उम्मीद है और इसका मकसद पूर्वी अफ्रीका में कंपनी की उपस्थिति को मजबूत करना है। इसके साथ ही, कंपनी 2026 के उत्तरार्ध में Asahi Group के साथ साझेदारी में Calpis डेयरी ड्रिंक भी लॉन्च करने की योजना बना रही है। यह देखना अहम होगा कि क्या ये नए उत्पाद लॉन्च और अंतरराष्ट्रीय वेंचर्स घरेलू लागत के दबाव को कम कर पाते हैं या नहीं।
