सॉफ्ट ड्रिंक्स की दिग्गज कंपनी Varun Beverages ने अब शराब के बाजार में उतरने की तैयारी कर ली है। कंपनी ने अपनी नई सब्सिडियरी KIVA Spirits की शुरुआत की है और इसके नेतृत्व के लिए इंडस्ट्री के अनुभवी Prathmesh Mishra को चुना है। इस खबर के बाद कंपनी के शेयर **2.58%** चढ़कर **₹438** पर बंद हुए।
शराब के बाजार में एंट्री और नई लीडरशिप
25 अगस्त, 2026 को Varun Beverages ने अपने बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव करते हुए एल्कोहलिक बेवरेज इंडस्ट्री में कदम रखा है। कंपनी ने 'KIVA Spirits and Company Limited' नाम से एक पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी बनाई है, जो मुख्य रूप से रेडी-टू-ड्रिंक शराब बाजार पर ध्यान देगी। यह फैसला कंपनी के लिए बेहद अहम है क्योंकि अब तक यह मुख्य रूप से सॉफ्ट ड्रिंक्स और पानी के कारोबार तक सीमित थी। इस नई यूनिट की शुरुआत ₹10 करोड़ की अधिकृत शेयर पूंजी और ₹9 करोड़ की चुकता इक्विटी पूंजी के साथ की गई है।
इस नए वेंचर को रफ्तार देने के लिए कंपनी ने Prathmesh Mishra को CEO और MD नियुक्त किया है। Mishra का इस सेक्टर में गहरा अनुभव है और वे पहले Diageo और Pernod Ricard जैसी दिग्गज कंपनियों में काम कर चुके हैं। गौरतलब है कि PepsiCo के साथ हुए नए समझौते ने कंपनी के लिए नए कैटेगरी में जाने का रास्ता साफ कर दिया है।
ट्यूनीशिया में विस्तार
शराब कारोबार के अलावा, कंपनी अपने अंतरराष्ट्रीय फुटप्रिंट को भी बढ़ा रही है। Varun Beverages ने ट्यूनीशिया में बेवरेज प्रोडक्शन के लिए एक जॉइंट वेंचर (JV) की घोषणा की है। इस प्रोजेक्ट में कंपनी 75% हिस्सेदारी रखेगी, जबकि स्थानीय पार्टनर 'Bevanda' के पास 25% हिस्सा होगा। इसमें लगभग ₹29 करोड़ का निवेश किया जाएगा।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
यह विस्तार जहां कंपनी के लिए ग्रोथ के नए रास्ते खोलता है, वहीं चुनौतियां भी कम नहीं हैं। शराब के बाजार का रेगुलेटरी एनवायरनमेंट सॉफ्ट ड्रिंक्स से बिल्कुल अलग है। निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी कैसे बिना मार्जिन और कैश फ्लो पर दबाव डाले इन नए बिजनेस को इंटीग्रेट करती है। इससे पहले 'Twizza' के अधिग्रहण के दौरान मार्जिन पर आए दबाव के बाद, अब बाजार इस नई स्ट्रेटजी के बेहतर एग्जीक्यूशन पर नजर गड़ाए हुए है।
