Varun Beverages, जो कि PepsiCo की एक प्रमुख बॉटलिंग पार्टनर है, अब शराब के बाज़ार में कदम रख रही है। कंपनी ने अपनी एक नई सहायक कंपनी, KIVA Spirits, लॉन्च की है। इस नए वेंचर का नेतृत्व पूर्व Diageo एग्जीक्यूटिव Prathmesh Mishra करेंगे। यह कदम कंपनी के बिज़नेस मॉडल में एक बड़ा बदलाव है, जो PepsiCo के साथ हुए नए समझौते के बाद संभव हुआ है, जिससे कंपनी को नए क्षेत्रों में विस्तार की अनुमति मिली है। इसके अलावा, Varun Beverages ने ट्यूनीशिया में एक नया जॉइंट वेंचर (Joint Venture) भी शुरू किया है ताकि वह अपने नॉन-अल्कोहलिक (Non-alcoholic) पेय पदार्थों के बिज़नेस को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा सके।
Varun Beverages की नई राह
Varun Beverages, जो PepsiCo के लिए सबसे बड़े बॉटलिंग पार्टनर्स में से एक है, अब अपने बिज़नेस को बड़ा करने के लिए एक बड़ा कदम उठा रही है। कंपनी ने शराब के बिज़नेस में उतरने का फैसला किया है और इसके लिए अपनी एक नई, पूरी तरह से अपनी सहायक कंपनी 'KIVA Spirits and Company Limited' का गठन किया है। यह कंपनी रेडी-टू-ड्रिंक (Ready-to-drink) अल्कोहल वाले पेय पदार्थों के उत्पादन और बिक्री पर ध्यान केंद्रित करेगी।
यह कदम Varun Beverages को उसके मुख्य सॉफ्ट ड्रिंक बिज़नेस से आगे ले जाएगा। कंपनी के PepsiCo के साथ हुए बॉटलिंग एग्रीमेंट (Bottling Agreement) में मई 2026 में संशोधन किया गया था, जिसने कंपनी को नए क्षेत्रों में बिज़नेस करने की पुरानी पाबंदियों को हटा दिया था।
कौन संभालेगा नया बिज़नेस?
इस नए और अहम बिज़नेस की कमान संभालने के लिए कंपनी ने Prathmesh Mishra को KIVA Spirits का नया चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) और मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) नियुक्त किया है। Prathmesh Mishra शराब उद्योग के एक अनुभवी चेहरे हैं, जिन्होंने पहले Diageo और Pernod Ricard जैसी बड़ी ग्लोबल कंपनियों में बड़े पदों पर काम किया है। उनकी नियुक्ति से यह संकेत मिलता है कि Varun Beverages इस नए क्षेत्र में एक प्रोफेशनल और अनुभवी टीम के साथ उतरना चाहती है, क्योंकि शराब का बिज़नेस सॉफ्ट ड्रिंक बिज़नेस से काफी अलग होता है, जिसमें वितरण (Distribution), मार्केटिंग (Marketing) और रेगुलेशन (Regulation) के अपने अलग नियम होते हैं।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
KIVA Spirits ने शुरुआत में ₹9 करोड़ की पेड-अप कैपिटल (Paid-up Capital) से काम शुरू किया है। हालांकि, असली कहानी बिज़नेस मॉडल में आए इस बदलाव में है। शराब के क्षेत्र में उतरना आसान नहीं होगा, क्योंकि इसमें राज्यों के अपने कड़े नियम, अलग टैक्स स्ट्रक्चर (Tax Structure) और एक अलग रिटेल डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क (Retail Distribution Network) शामिल है। निवेशकों को इस बात पर नज़र रखनी होगी कि कंपनी अपने मुख्य PepsiCo बिज़नेस पर फोकस बनाए रखते हुए इस नए विस्तार को कैसे मैनेज करती है। इस कदम की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनी अपनी मैन्युफैक्चरिंग (Manufacturing) और डिस्ट्रीब्यूशन (Distribution) की ताकत का इस्तेमाल करके इस भीड़भाड़ वाले और कड़े नियमों वाले अल्कोहल मार्केट में कितना सफल हो पाती है।
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में भी विस्तार
घरेलू बाज़ार में अपने बिज़नेस को बढ़ाने के साथ-साथ, Varun Beverages अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है। कंपनी के बोर्ड ने ट्यूनीशिया में एक जॉइंट वेंचर (Joint Venture) को भी मंजूरी दी है, जिसे 'Varun Beverages Tunisia SA' नाम दिया गया है। इसमें Varun Beverages की 75% हिस्सेदारी होगी, जबकि बाकी 25% हिस्सा स्थानीय पार्टनर Bevanda के पास रहेगा। यह वेंचर कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक्स (Carbonated Soft Drinks), जूस (Juices), पानी और डेयरी प्रोडक्ट्स (Dairy Products) का उत्पादन और वितरण करेगा, जिससे कंपनी का नॉन-अल्कोहलिक मॉडल एक नए भौगोलिक क्षेत्र में फैलेगा।
निवेशकों के लिए आगे की राह में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि KIVA Spirits के तहत प्रोडक्ट्स कब लॉन्च होते हैं, विभिन्न राज्यों में ज़रूरी रेगुलेटरी अप्रूवल (Regulatory Approval) कब मिलते हैं, और कंपनी नए बिज़नेस सेगमेंट को स्थापित करने के शुरुआती खर्चों को मैनेज करते हुए अपने प्रॉफिट मार्जिन (Profit Margin) को कैसे बनाए रखती है। इसके अलावा, ट्यूनीशिया में नए वेंचर का प्रदर्शन भी कंपनी की होम मार्केट के बाहर ऑपरेशन्स (Operations) को बढ़ाने की क्षमता को समझने के लिए ज़रूरी होगा।
