Vadilal Industries: पुरानी डील फेल होने के बाद हुआ नया समझौता, शेयरहोल्डर्स की नजर अब इस बदलाव पर

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Vadilal Industries: पुरानी डील फेल होने के बाद हुआ नया समझौता, शेयरहोल्डर्स की नजर अब इस बदलाव पर

Vadilal Industries ने Vadilal Enterprises के साथ **1 साल** का एक नया 'ब्रिज' सप्लाई और मार्केटिंग एग्रीमेंट साइन किया है। शेयरहोल्डर्स द्वारा लंबे समय के कॉन्ट्रैक्ट को मंजूरी न मिलने के बाद यह कदम उठाया गया है, ताकि कंपनी का कामकाज बिना किसी बाधा के चलता रहे।

अस्थाई समाधान और कंपनी की रणनीति

पुराना 10 साल का कॉन्ट्रैक्ट 30 सितंबर 2026 को खत्म हो गया था, जिसके बाद कंपनी को यह नया एग्रीमेंट करना पड़ा। यह नया समझौता 1 नवंबर 2026 से 31 अक्टूबर 2027 तक प्रभावी रहेगा। शेयरहोल्डर्स से रिन्यूअल के लिए जरूरी समर्थन न मिल पाने के कारण मैनेजमेंट ने फिलहाल इस अंतरिम व्यवस्था (interim arrangement) को चुना है।

बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही कंपनी

कंपनी में इस समय बड़े स्तर पर बदलाव हो रहे हैं। आइसक्रीम बनाने वाली इस दिग्गज कंपनी ने हाल ही में Himanshu Kanwar को अपना पहला नॉन-फैमिली चीफ एग्जीक्यूटिव (CEO) नियुक्त किया है, जो पेशेवर मैनेजमेंट की दिशा में एक बड़ा कदम है। इसके अलावा, कंपनी Vadilal International, Vadilal Finance Company और Veronica Constructions जैसी प्रमोटर-नियंत्रित कंपनियों को खुद में मर्ज करने की योजना पर काम कर रही है।

फाइनेंशियल सेहत और कानूनी पेंच

फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी ने ₹1,109.54 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹98.01 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है। हालांकि, मुनाफे के बावजूद गांधी परिवार (अहमदाबाद और मुंबई ब्रांच) के बीच चला आ रहा पुराना मालिकाना हक और क्षेत्रीय सेल्स विवाद अब भी Bombay High Court में लंबित है। Rajesh R. Gandhi और Devanshu L. Gandhi की भूमिकाओं में बदलाव के बावजूद कानूनी चुनौतियां बनी हुई हैं, जिस पर निवेशकों की पैनी नजर है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.