Vadilal Industries की बड़ी डिस्ट्रीब्यूशन डील अब खत्म होने वाली है। शेयरहोल्डर्स की मंजूरी न मिलने के कारण Vadilal Enterprises के साथ हुआ **₹1,373 करोड़** का समझौता रुक गया है, जिसका असर शेयर पर दिखा और यह **4.7%** तक लुढ़क गया।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर आज Vadilal Industries के शेयरों में 4.7% की भारी गिरावट दर्ज की गई। इसकी मुख्य वजह कंपनी के उस महत्वपूर्ण डिस्ट्रीब्यूशन समझौते का रिन्यू न होना है, जो पिछले एक दशक से Vadilal Enterprises के साथ चला आ रहा था। यह कॉन्ट्रैक्ट आधिकारिक तौर पर 30 सितंबर, 2026 को समाप्त हो जाएगा।
डील क्यों अटक गई?
यह सारा विवाद गवर्नेंस के नियमों के कारण हुआ है। भले ही Vadilal Industries ने 10 सितंबर, 2026 को अपनी 42वीं एनुअल जनरल मीटिंग में इस डील के रिन्यूअल के लिए शेयरहोल्डर्स की मंजूरी हासिल कर ली थी, लेकिन Vadilal Enterprises अपने शेयरहोल्डर्स से जरूरी सहमति नहीं जुटा पाई। चूंकि यह एक 'रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन' था, इसलिए कानूनी रूप से दोनों पक्षों की मंजूरी अनिवार्य थी।
ऑपरेशंस और कमाई पर असर
यह पार्टनरशिप कंपनी के आइसक्रीम और फ्रोजन डेसर्ट को पूरे भारत में पहुंचाने का मुख्य जरिया थी। इस डील का सालाना मूल्य ₹1,373 करोड़ के आसपास है, जो कंपनी के घरेलू कारोबार का एक बड़ा हिस्सा है। अब 1 अक्टूबर, 2026 से कंपनी को अपने प्रोडक्ट्स को रिटेलर्स तक पहुंचाने के लिए एक नया लॉजिस्टिक्स ढांचा तैयार करना होगा।
मैनेजमेंट ने संकेत दिए हैं कि वे वैकल्पिक डिस्ट्रीब्यूशन मॉडल पर काम कर रहे हैं। हालांकि, चुनौती यह है कि अगर नया सेटअप महंगा साबित हुआ, तो आने वाली तिमाहियों में कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता है। निवेशकों को अब कंपनी की भविष्य की सप्लाई चेन अपडेट्स और फाइनेंशियल परफॉरमेंस पर बारीकी से नजर रखनी होगी।
