VIP Industries के लिए पहली तिमाही मिली-जुली रही। कंपनी का रेवेन्यू **3.02%** बढ़ा है, जिससे सात तिमाहियों से जारी गिरावट का सिलसिला थमा है। हालांकि, कच्चे माल की महंगाई और मार्केटिंग पर खर्च के चलते नेट लॉस बढ़कर **₹53.56 करोड़** पहुंच गया है।
रेवेन्यू में रिकवरी की शुरुआत
फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में VIP Industries का रेवेन्यू ₹578.36 करोड़ दर्ज किया गया है। यह 3.02% की सालाना बढ़त पिछले सात तिमाहियों से जारी सुस्ती को खत्म करने वाली साबित हुई है। हालांकि, रिकवरी की यह उम्मीद बॉटम लाइन पर दबाव के कारण फीकी पड़ गई है। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट लॉस पिछले साल की समान अवधि के ₹13.10 करोड़ से बढ़कर अब ₹53.56 करोड़ हो गया है।
क्यों बढ़े खर्च और क्या है टर्नअराउंड प्लान?
मुनाफे पर दो मुख्य कारणों से मार पड़ी है—कच्चे माल की बढ़ती लागत और ब्रांडिंग पर भारी खर्च। पॉलीप्रोपाइलीन (Polypropylene) और पॉलीकार्बोनेट जैसे रॉ मटेरियल्स महंगे होने और सप्लाई चेन की बाधाओं ने लागत को बढ़ा दिया है। साथ ही, मार्केट शेयर वापस पाने के लिए कंपनी ने नए प्रोडक्ट्स और मार्केटिंग कैंपेन में जमकर निवेश किया है।
कंपनी की कमान अब नई मैनेजमेंट टीम के हाथों में है, जो स्टोर रेशनलाइजेशन (Store Rationalization) पर जोर दे रही है। कम मुनाफा देने वाले आउटलेट्स को बंद किया जा रहा है और 80 से अधिक नए प्रोडक्ट्स बाजार में उतारे गए हैं, जो अब कुल रेवेन्यू में 50% का योगदान दे रहे हैं। बदलाव को अंजाम देने के लिए नारायण सराफ को CFO और शलाका कोपरकर को कंपनी सेक्रेटरी के तौर पर नियुक्त किया गया है।
मार्केट की चुनौती और भविष्य की राह
सफारी इंडस्ट्रीज (Safari Industries) जैसे प्रतिद्वंदियों से मिल रही कड़ी टक्कर के बीच VIP Industries के लिए राह आसान नहीं है। इसके अलावा, हवाई किराये में बढ़ोतरी भी ट्रैवल बैग्स की डिमांड पर असर डाल रही है। फिलहाल शेयर का भाव ₹310 के आसपास बना हुआ है, और निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या कंपनी का डिजिटल-फर्स्ट अप्रोच आगे चलकर मुनाफे को पटरी पर ला पाएगा या नहीं।
