वैल्यू फैशन रिटेलर्स V2 Retail, V-Mart, और Baazar Style ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में डबल-डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है। यह शानदार प्रदर्शन नए स्टोर्स के विस्तार और मौजूदा लोकेशंस पर बिक्री में सुधार का नतीजा है। अब निवेशक यह देख रहे हैं कि ये कंपनियां छोटे शहरों में तेजी से विस्तार करते हुए स्टोर प्रोडक्टिविटी बनाए रख पाएंगी या नहीं।
वैल्यू फैशन सेक्टर में दमदार प्रदर्शन
वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में भारतीय वैल्यू फैशन सेक्टर ने गजब की रफ्तार पकड़ी है। लिस्टेड रिटेलर्स ने न केवल डबल-डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है, बल्कि मौजूदा स्टोर्स पर बिक्री (Same-store sales) में भी इजाफा दिखाया है। खास बात यह है कि इस बार ग्रोथ सिर्फ नए स्टोर्स खोलने से नहीं आई, बल्कि पुराने स्टोर्स पर भी ग्राहकों ने पहले से ज्यादा खर्च किया है।
V2 Retail, Baazar Style, और V-Mart का कैसा रहा प्रदर्शन?
V2 Retail इस ग्रुप में सबसे आगे रहा, जिसने साल-दर-साल 58% की रेवेन्यू ग्रोथ के साथ ₹997 करोड़ का आंकड़ा छुआ। कंपनी ने 57 नए स्टोर खोले, जिससे कुल स्टोर्स की संख्या बढ़कर 381 हो गई। वहीं, मौजूदा स्टोर्स पर बिक्री (Same-store sales growth) 7.5% रही। कंपनी की योजना FY27 में 130 से 150 और स्टोर खोलने की है।
Baazar Style Retail ने 29% रेवेन्यू बढ़कर ₹486 करोड़ दर्ज किए। इस तिमाही में 18 नए स्टोर जोड़े गए, जिससे कुल स्टोर्स की संख्या 276 हो गई। प्रति वर्ग फुट मासिक स्टोर प्रोडक्टिविटी ₹679 पर स्थिर रही, जो बताता है कि तेजी से विस्तार के बावजूद पुराने स्टोर्स की एफिशिएंसी पर कोई असर नहीं पड़ा है।
V-Mart Retail ने 23% रेवेन्यू ग्रोथ के साथ ₹1,089 करोड़ का आंकड़ा पार किया। सबसे ज्यादा 9% की Same-store sales growth इसी कंपनी ने दर्ज की। 591 स्टोर्स के अपने बड़े और स्थापित नेटवर्क के साथ, V-Mart का प्रदर्शन उसके मौजूदा फुटप्रिंट की मजबूती को दर्शाता है, खासकर 'Unlimited' स्टोर फॉर्मेट में।
प्रॉफिटेबिलिटी की ओर स्ट्रैटेजिक शिफ्ट
रिटेलर्स अपने प्रॉफिट मार्जिन को बेहतर बनाने के लिए प्राइवेट लेबल पर ज्यादा निर्भर हो रहे हैं। अपने ब्रांड्स को मैनेज करके, कंपनियां इन्वेंट्री और प्राइसिंग पावर पर बेहतर कंट्रोल पाती हैं। इससे उन्हें टियर-II और टियर-III शहरों में विस्तार पर ज्यादा खर्च करने के बावजूद प्रॉफिटेबिलिटी बनाए रखने में मदद मिलती है। हालांकि, आक्रामक ग्रोथ सेक्टर में आम है, लेकिन अब ये कंपनियां नए स्टोर्स खोलने की रफ्तार के साथ-साथ पुराने स्टोर्स पर बिक्री बनाए रखने की जरूरत में संतुलन बना रही हैं।
सेक्टर का मिजाज और निवेशकों का फोकस
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद, इन रिटेलर्स के लिए सबसे बड़ी चुनौती एग्जीक्यूशन क्वालिटी बनाए रखना है। छोटे शहरों में विस्तार के लिए जटिल सप्लाई चेन मैनेजमेंट की जरूरत होती है। जैसे-जैसे ये कंपनियां नए लोकेशंस जोड़ रही हैं, Same-store sales growth को पॉजिटिव बनाए रखना एक महत्वपूर्ण पहलू होगा। स्केल-अप करते हुए कॉस्ट को मैनेज करने की क्षमता यह तय करेगी कि ये कंपनियां अपने रेवेन्यू के अनुरूप प्रॉफिट बढ़ा पाती हैं या नहीं। स्टोर प्रोडक्टिविटी के मेट्रिक्स, विस्तार से जुड़े डेट लेवल और डिस्पोजेबल खर्च पैटर्न में किसी भी बदलाव पर भविष्य में नजर रखना अहम होगा।
