फेस्टिव सीजन की तारीखों में **19** दिनों की देरी के कारण भारत के वैल्यू फैशन रिटेलर्स के नतीजों पर बड़ा असर पड़ा है। जहां V-Mart ने मजबूती दिखाई, वहीं V2 Retail के शेयरों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
भारतीय वैल्यू फैशन सेक्टर फिलहाल एक अनोखी चुनौती से जूझ रहा है। इस साल नवरात्रि और दुर्गा पूजा जैसे बड़े त्योहार 19 दिन देरी से आने के कारण सेल्स का आंकड़ा दूसरी तिमाही (Q2) से खिसककर तीसरी तिमाही (Q3) में चला गया है। इस समय के अंतर ने निवेशकों के लिए यह समझना मुश्किल कर दिया है कि यह गिरावट सिर्फ सीजनल बदलाव है या असल में कंज्यूमर डिमांड में कमजोरी आ गई है।
बाजार की प्रतिक्रिया और कंपनियों का प्रदर्शन
V2 Retail के शेयरों में 5 अक्टूबर, 2026 को 20% की भारी गिरावट देखी गई। कंपनी ने Q2 बिजनेस अपडेट में बताया कि स्टोर की ग्रोथ घटकर सिर्फ 0.5% रह गई है। सबसे बड़ी चिंता की बात यह रही कि मैनेजमेंट ने अपनी फुल-इयर ग्रोथ गाइडेंस को घटाकर 5% से 7% कर दिया है, जो पहले 8% से 10% थी।
इसके उलट V-Mart Retail ने काफी मजबूती दिखाई है। कंपनी ने Q2 में 18% सालाना रेवेन्यू ग्रोथ के साथ ₹953 करोड़ का कारोबार किया। एडजस्टेड सेल्स ग्रोथ 11% रही, जो बताती है कि कंपनी बाजार की अस्थिरता को बेहतर ढंग से झेल रही है।
टियर-2 और टियर-3 शहरों में चुनौती
असली मुद्दा टियर-2 और टियर-3 शहरों के ग्राहकों की खर्च करने की क्षमता का है। महंगाई और कमजोर मानसून के कारण परिवारों के बजट पर दबाव है, जिससे वे फैशन के बजाय जरूरी सामानों पर ज्यादा खर्च कर रहे हैं। इसका सबसे बुरा असर Baazar Style Retail पर दिखा है, जिसका रेवेन्यू 10% गिरकर ₹4,781 मिलियन रह गया। कंपनी की सेल्स पर स्क्वायर फुट भी 26% घटकर ₹642 प्रति माह पर आ गई है।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
आने वाली तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजे यह साफ कर देंगे कि कंज्यूमर सेंटिमेंट कैसा है। निवेशक इस बात पर नजर रखेंगे कि क्या त्योहारों ने डिमांड में सुधार किया है और क्या कंपनियां अपने मार्जिन को बचा पाने में सफल रही हैं। अब फोकस इस बात पर होगा कि V2 Retail अपने नए स्टोर्स की उत्पादकता कैसे बढ़ाती है और Baazar Style अपनी सेल्स डेंसिटी को कैसे स्थिर करती है।
