V-Mart Q2 Results: घाटा बढ़कर ₹16.34 करोड़ हुआ, कंपनी ने किया बड़े बदलाव का ऐलान

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
V-Mart Q2 Results: घाटा बढ़कर ₹16.34 करोड़ हुआ, कंपनी ने किया बड़े बदलाव का ऐलान

V-Mart Retail के लिए दूसरी तिमाही चुनौतीपूर्ण रही है। कंपनी का नेट लॉस बढ़कर **₹16.34 करोड़** पर पहुंच गया है, हालांकि रेवेन्यू में **18.1%** की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बढ़ती लागत कंपनी के मुनाफे पर दबाव डाल रही है।

V-Mart Retail ने सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही के लिए अपने फाइनेंशियल नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का नेट लॉस बढ़कर ₹16.34 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹8.87 करोड़ था। कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 18.1% बढ़कर ₹952.99 करोड़ जरूर हुआ, लेकिन कुल खर्चों में 22% का भारी उछाल आने से कुल खर्च ₹976.37 करोड़ तक पहुंच गए, जिसने मुनाफे को प्रभावित किया है।

मर्chandising पर फोकस

ऑपरेशनल चुनौतियों से निपटने के लिए कंपनी ने Varin Agarwal को नया 'Head of Merchandising' नियुक्त किया है। यह नियुक्ति 3 नवंबर 2026 से प्रभावी है। मर्chandising किसी भी वैल्यू रिटेल कंपनी के लिए अहम है क्योंकि यह प्रोडक्ट मिक्स, प्राइसिंग और स्टॉक लेवल को मैनेज करती है। Varin Agarwal पहले LimeRoad के बिजनेस को सुव्यवस्थित करने में अहम भूमिका निभा चुके हैं, जिससे उम्मीद है कि कंपनी का प्रोडक्ट असॉर्टमेंट और बेहतर होगा।

फाइनेंशियल और ऑपरेशनल स्थिति

नतीजों में राहत की बात यह है कि कंपनी का EBITDA ₹86.06 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले बेहतर है। यह दर्शाता है कि कंपनी का कोर बिजनेस कैश तो जनरेट कर रहा है, लेकिन बढ़ते ऑपरेशनल खर्चों की वजह से नेट प्रॉफिट पर असर पड़ रहा है। टियर-2 और टियर-3 शहरों में विस्तार के चलते स्टोर रेंट और कर्मचारी खर्चों पर लगाम लगाना कंपनी के लिए बड़ी प्राथमिकता है।

प्रमोटर रीक्लासिफिकेशन

बोर्ड ने Raghav Agarwal और Ditya Agarwal को प्रमोटर कैटेगरी से पब्लिक कैटेगरी में रीक्लासिफाई करने की मंजूरी दे दी है। चूँकि इनके पास कंपनी में शून्य शेयर हैं, इसलिए SEBI के नियमों के तहत यह एक प्रशासनिक बदलाव है।

निवेशकों के लिए अहम संकेत

आने वाले समय में निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि क्या कंपनी अपने खर्चों की रफ्तार को रेवेन्यू ग्रोथ के बराबर ला पाती है। वैल्यू रिटेल सेक्टर ग्रामीण मांग के प्रति बहुत संवेदनशील है, इसलिए डिमांड में कोई भी सुस्ती मार्जिन के लिए खतरा बन सकती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.