Urban Company और Snabbit का जलवा: ₹29 प्रति घंटा सर्विस, 1 लाख रोज़ाना जॉब्स पार

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Urban Company और Snabbit का जलवा: ₹29 प्रति घंटा सर्विस, 1 लाख रोज़ाना जॉब्स पार

ऑन-डिमांड होम सर्विस देने वाली कंपनियां Urban Company और Snabbit ने रविवार को एक बड़ा मुकाम हासिल किया। दोनों ही कंपनियों ने एक दिन में **1 लाख** से ज़्यादा जॉब्स पूरे किए। ज़बरदस्त कॉम्पिटिशन के चलते सर्विस की कीमतें घटकर **₹29** प्रति घंटा तक आ गई हैं, लेकिन बढ़ती मांग के कारण बुकिंग में कुछ दिक्कतें भी आ रही हैं।

ग्राहकों की चांदी, सर्विस हुई सस्ती!

रविवार को Urban Company और Snabbit, दोनों ही होम सर्विस प्लेटफॉर्म्स ने एक दिन में 1 लाख से ज़्यादा जॉब्स पूरे करने का रिकॉर्ड बनाया। यह सब हो रहा है ज़बरदस्त कॉम्पिटिशन के चलते, जिसने सर्विस की कीमतों को काफी नीचे ला दिया है। अब ग्राहकों को झाड़ू-पोंछा, सफाई या खाना बनाने जैसी बेसिक होम सर्विसेज़ ₹29 प्रति घंटा के हिसाब से मिल रही हैं।

Urban Company अपने InstaHelp सेगमेंट के ज़रिए स्टैंडर्ड सर्विस रेट पर 88% तक की छूट दे रही है, कुछ 30-मिनट की सर्विसेज़ तो सिर्फ ₹19 में मिल रही हैं। Snabbit भी पीछे नहीं है और उसने ग्राहकों को लुभाने के लिए ₹29 प्रति घंटा का रेट रखा है। ये भारी डिस्काउंट जहां बड़ी संख्या में ग्राहक जुटाने में मदद कर रहे हैं, वहीं यह भी दिखाता है कि इस भीड़ भरे बाज़ार में वॉल्यूम बढ़ाने के लिए आक्रामक प्रमोशनल प्राइसिंग पर कितना भरोसा किया जा रहा है।

डिमांड बढ़ी, लेकिन सप्लाई की दिक्कत

ऑर्डर्स की इतनी बड़ी संख्या ग्राहकों की ज़बरदस्त मांग को तो दिखाती है, लेकिन यह इन प्लेटफॉर्म्स की ऑपरेशनल कैपेसिटी पर भी भारी पड़ रही है। रविवार शाम तक, कई इलाकों में यूजर्स को तुरंत सर्विस नहीं मिल पा रही थी। Urban Company के ऐप पर बुकिंग अगले दिन के लिए दिखाई जा रही थी। यह दिखाता है कि भले ही टेक्नोलॉजी और जॉब ऑर्डर्स बढ़ रहे हों, लेकिन सर्विस वर्कर्स की रियल-टाइम सप्लाई को अचानक बढ़ी हुई मांग से मिलाना अभी भी एक चुनौती है।

बिजनेस ग्रोथ और भविष्य की राह

Urban Company ने मार्च 2025 में मुंबई में InstaHelp का पायलट लॉन्च किया था और सिर्फ पांच महीने में 50,000 ऑर्डर के मार्क से 1 लाख ऑर्डर तक का सफ़र तय कर लिया है। वहीं, Snabbit ने पिछले दो सालों में काफी ग्रोथ दिखाई है। कंपनी ने अप्रैल-जून 2026 तिमाही में 40 लाख जॉब्स पूरे किए, जिनमें से अकेले जून में 15.1 लाख जॉब्स थे। Snabbit ने यह भी बताया कि उन्होंने प्रति जॉब कैश बर्न (ऑपरेशंस के लिए खर्च होने वाला पैसा) को पिछले क्वार्टर की तुलना में ₹100 से ज़्यादा कम किया है, जो अब ₹250 से नीचे आ गया है।

अब सवाल यह है कि जब ये कंपनियां प्रमोशनल डिस्काउंट कम करेंगी, तो क्या वे अपनी वर्तमान ग्रोथ बनाए रख पाएंगी? लंबे समय तक टिके रहने के लिए उन्हें भारी ऑर्डर वॉल्यूम को कंट्रोल करने लायक सर्विस कॉस्ट, वर्कर्स की उपलब्धता और लगातार प्रॉफिटेबल बनने के रास्ते को बैलेंस करना होगा, खासकर जब यह ज़बरदस्त प्राइसिंग प्रेशर धीरे-धीरे कम होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.