घाटे की वजह बना 'Insta Help' में भारी निवेश
कंपनी के शेयरों में आई इस भारी गिरावट की मुख्य वजह Insta Help यूनिट में ताबड़तोड़ किया गया निवेश है। यह क्विक सर्विस यूनिट फिलहाल घाटे में चल रही है। कंपनी का कहना है कि इस यूनिट में चल रहे भारी निवेश के कारण, अब उन्हें समेकित समायोजित EBITDA पर ब्रेकइवन (Breakeven) हासिल करने में Q3 FY28 तक का समय लग सकता है। यह पहले के अनुमानों से काफी देरी है।
Insta Help यूनिट का प्रदर्शन
Insta Help को पिछली तिमाही में प्रति ऑर्डर ₹381 के मुकाबले Q4 में ₹447 का घाटा हुआ। यह घाटा ग्राहकों और सर्विस प्रोवाइडर्स को भारी सब्सिडी (Subsidy) देने के कारण बढ़ा है।
ऑर्डर वॉल्यूम बढ़ा, पर प्रति ऑर्डर वैल्यू घटी
हालांकि, इस निवेश ने ऑर्डर वॉल्यूम (Order Volume) बढ़ाने में मदद की है। Q4 में कंपनी ने 27 लाख ऑर्डर दर्ज किए, जिनकी कुल वैल्यू ₹40 करोड़ रही। यह पिछली तिमाही के 16 लाख ऑर्डर और ₹27.6 करोड़ की वैल्यू से ज्यादा है। लेकिन, प्रति ऑर्डर औसत वैल्यू (Average Order Value) घटकर ₹150 रह गई, जो पहले ₹172 थी। ऐसा नए ग्राहक लाने और प्रमोशन के कारण हुआ है।
ब्रोकरेज की चिंताएँ
यह सब देखते हुए, ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने स्टॉक पर 'Neutral' रेटिंग बनाए रखी है और इसका टारगेट प्राइस ₹135 रखा है। एनालिस्ट्स को ऐसी तेज सर्विस के लिए मार्केट साइज और एग्जीक्यूशन (Execution) में चुनौतियों को लेकर चिंता है।
कॉम्पिटिशन का बढ़ता दबाव
वहीं, Snabbit और Pronto जैसी अच्छी फंडिंग वाली प्रतिद्वंद्वी कंपनियों से बढ़ता कॉम्पिटिशन Insta Help के लिए मार्केटिंग पर भारी खर्च करने को मजबूर कर रहा है। Snabbit ने हाल ही में $56 मिलियन और Pronto ने $20 मिलियन जुटाए हैं। इस सेगमेंट में चल रही पैसे की दौड़ और लगातार निवेश, Urban Company के लिए प्रॉफिटेबल बनना मुश्किल बना रहा है।
