बेंगलुरु में Urban Company के एक प्रोफेशनल पर ग्राहक की शादी की अंगूठी चोरी करने का आरोप लगा है। इस घटना ने कंपनी के सेफ्टी प्रोटोकॉल पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जो कंपनी के लिए और भी मुश्किल भरा है क्योंकि हाल ही में Q1 FY27 में कंपनी ने **₹92 करोड़** का नेट लॉस रिपोर्ट किया है।
Urban Company के लिए मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। बेंगलुरु में एक ग्राहक ने कंपनी के प्रोफेशनल पर घर में सर्विस के दौरान शादी की अंगूठी चुराने का संगीन आरोप लगाया है। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि चोरी हुई अंगूठी को पुलिस ने 100 किलोमीटर दूर से बरामद किया, और इस पूरी प्रक्रिया में कंपनी के इंटरनल सपोर्ट सिस्टम की कोई खास भूमिका नहीं रही।
भरोसे का संकट (Crisis of Trust)
इस घटना के बाद कंपनी का ऑटोमेटेड सपोर्ट सिस्टम भी आलोचनाओं के घेरे में है। ग्राहक के मुताबिक, गंभीर शिकायत दर्ज होने के बावजूद उन्हें लगातार फीडबैक के लिए ऑटोमेटेड मैसेज आते रहे। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि घर में सर्विस देने वाली कंपनियों के लिए 'ट्रस्ट' सबसे बड़ी पूंजी होती है, और ऐसे वाकये ब्रांड की साख को गहरी चोट पहुंचा सकते हैं।
फाइनेंशियल प्रेशर और चुनौती
यह रिप्यूटेशनल क्राइसिस ऐसे समय में आया है जब कंपनी पहले ही वित्तीय दबाव में है। Q1 FY27 के नतीजों में कंपनी ने ₹92 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया है। हालांकि कंपनी का रेवेन्यू 44% सालाना आधार पर बढ़ा है, लेकिन नए 'InstaHelp' वर्टिकल में भारी निवेश ने मुनाफे पर असर डाला है।
अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या मैनेजमेंट अपने वर्किंग मॉडल और वर्कर वेरिफिकेशन प्रोसेस में कोई बड़ा बदलाव करता है। कंपनी के सामने चुनौती है कि वह विस्तार (Expansion) की होड़ में सेफ्टी और क्वालिटी स्टैंडर्ड्स से समझौता न करे, क्योंकि इसका सीधा असर भविष्य के कस्टमर एक्विजिशन कॉस्ट पर पड़ सकता है।
