United Spirits का नेट प्रॉफिट सितंबर तिमाही में **8%** घटकर **₹428 करोड़** रह गया है। फेस्टिव सीजन के लिए मार्केटिंग पर भारी खर्च और कर्नाटक-महाराष्ट्र में रेगुलेटरी चुनौतियों का असर कंपनी के बॉटम लाइन पर साफ दिख रहा है।
कंपनी ने इस तिमाही में अपने ब्रांड्स को मजबूत करने के लिए मार्केटिंग पर ₹378 करोड़ खर्च किए हैं, जो पिछले साल के मुकाबले 57% ज्यादा है। इस आक्रामक रणनीति के चलते कंपनी का रेवेन्यू भी 2.6% गिरकर ₹7,014 करोड़ रहा, जिससे मार्जिन पर सीधा दबाव देखने को मिला।
पोर्टफोलियो का हाल
कंपनी का प्रदर्शन मिला-जुला रहा है। 'Prestige & Above' सेगमेंट, जो कुल सेल्स का करीब 94% है, उसने 6.3% की बढ़त के साथ ₹3,065 करोड़ का नेट सेल्स दर्ज किया। इसके विपरीत, 'Popular' सेगमेंट की सेल्स 22.7% लुढ़क गई और वॉल्यूम में करीब 30% की गिरावट आई। कंपनी का कहना है कि कर्नाटक और महाराष्ट्र में एक्साइज पॉलिसी बदलने से सस्ते सेगमेंट पर बुरा असर पड़ा है।
स्पोर्ट्स बिजनेस का अपडेट
निवेशकों की नजर अब Royal Challengers Sports की बिक्री पर है, जिसका वैल्यूएशन ₹16,663 करोड़ आंका गया है। Competition Commission of India से मंजूरी मिलने के बाद अब BCCI की फाइनल क्लीयरेंस का इंतजार है। जब तक यह डील पूरी नहीं होती, स्पोर्ट्स यूनिट का ₹32 करोड़ का नुकसान कंपनी के कंसोलिडेटेड नतीजों को प्रभावित करता रहेगा।
