टैक्स जीत पर भी मार्केट की चिंता!
United Breweries Ltd. (UBL) को एक बड़ी राहत मिली है। महाराष्ट्र सेल्स टैक्स ट्रिब्यूनल ने 11 मई, 2026 को सुनाए फैसले में कंपनी पर वित्त वर्ष 2018-19 के लिए लगाए गए ₹275 करोड़ के टैक्स डिमांड को पूरी तरह खत्म कर दिया है। यह मामला लंबे समय से चल रहा था, जिसमें पहले की अपील में डिमांड को घटाकर ₹7 करोड़ कर दिया गया था। इस फैसले से कंपनी के ऊपर से एक बड़ी देनदारी का बोझ हट गया है और वित्तीय अनिश्चितता खत्म हो गई है।
शेयर की चाल: राहत कम, नतीजों की चिंता ज्यादा!
इस महत्वपूर्ण टैक्स जीत के बावजूद, शेयर बाजार ने कंपनी के स्टॉक पर खास भरोसा नहीं दिखाया। 12 मई, 2026 को UBL का शेयर 0.19% गिरकर बंद हुआ। ऐसा लगता है कि निवेशक कंपनी के मुख्य कारोबार के प्रदर्शन से ज्यादा चिंतित हैं। यही वजह है कि पिछले एक साल में स्टॉक 35% तक गिर चुका है और S&P BSE 100 इंडेक्स से पिछड़ गया है।
Q4 FY26 नतीजे: मार्जिन पर भारी दबाव!
UBL के Q4 FY26 के नतीजे कंपनी के परिचालन में चुनौतियों को साफ दिखाते हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 4.4% बढ़कर ₹101.7 करोड़ रहा, जो विश्लेषकों के ₹106 करोड़ के अनुमान से कम था। वहीं, रेवेन्यू 3.2% घटकर ₹2,247.8 करोड़ पर आ गया, जो ₹2,450 करोड़ के अनुमान से काफी नीचे रहा। सबसे चिंताजनक बात यह है कि EBITDA में 25.3% की बड़ी गिरावट आई और यह ₹139.1 करोड़ पर आ गया, जो ₹190 करोड़ के अनुमान से बहुत कम है।
मार्जिन क्यों घटे?
EBITDA मार्जिन घटकर 6.2% रह गया, जो पिछले साल के 8% से काफी कम है और अनुमानित 7.8% से भी नीचे है। यह पिछले 7 तिमाहियों का सबसे निचला स्तर है। कंपनी के कुल वॉल्यूम ग्रोथ में 4.1% की वृद्धि हुई और प्रीमियम सेगमेंट में 16% की बढ़ोतरी देखी गई, लेकिन बढ़ते ऑपरेटिंग खर्चे और लागत में वृद्धि (कॉस्ट इन्फ्लेशन) का असर इन पर हावी रहा। 'अन्य खर्चे' 14% बढ़ गए और फाइनेंस कॉस्ट में भी इजाफा हुआ।
भविष्य की चुनौतियां
मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव के कारण पैकेजिंग और लॉजिस्टिक्स पर ₹400-500 करोड़ का अतिरिक्त खर्च आने की आशंका है, जो कंपनी के लिए एक और चुनौती हो सकती है। UBL का मौजूदा P/E रेशियो लगभग 90.92 है, जो प्रतिस्पर्धियों United Spirits (~56.04) और Radico Khaitan (~77.26) की तुलना में काफी ज्यादा है। घटते रेवेन्यू और दबे मार्जिन के बीच इस वैल्यूएशन को बनाए रखना मुश्किल लग रहा है।
एनालिस्ट्स का नज़रिया
एनालिस्ट्स का नज़रिया फिलहाल मिश्रित है। ज्यादातर विश्लेषकों ने 'होल्ड' रेटिंग दी है और औसत 12-महीने का प्राइस टारगेट लगभग ₹1,788.6 रखा है। कुछ विश्लेषकों ने प्रदर्शन और वैल्यूएशन को लेकर स्टॉक को डाउनग्रेड भी किया है। कंपनी की सफलता भविष्य में लागतों को नियंत्रित करने और नियामक माहौल को संभालने की उसकी क्षमता पर निर्भर करेगी।
