United Breweries के शेयर अपने ऑल-टाइम हाई **₹2,299** से करीब **46%** नीचे आ चुके हैं। कंपनी अपनी बिजनेस स्ट्रेटजी में बदलाव कर रही है, जहां निवेशक बढ़ती लागत और प्रीमियम प्रोडक्ट्स (Heineken Silver, Kingfisher Ultra) पर फोकस के बीच उलझे हुए हैं।
वैल्युएशन में बड़ा बदलाव
इन्वेस्टर्स के लिए यह गिरावट वैल्युएशन के नजरिए से अहम है। कंपनी का ट्रेलिंग EV/EBITDA मल्टीपल अब करीब 41x पर आ गया है, जबकि फॉरवर्ड एस्टिमेट्स में यह 30.7x है। यह आंकड़ा 5 साल के औसत 38.4x से 20% कम है, जो संकेत देता है कि स्टॉक अब महंगा नहीं रहा।
प्रीमियम सेगमेंट का जोर
FY26 में वॉल्यूम ग्रोथ केवल 3% रही, लेकिन असली ताकत कंपनी के प्रीमियम पोर्टफोलियो में है। Heineken Silver और Kingfisher Ultra जैसे ब्रांड्स की सेल में 21% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। प्रीमियम प्रोडक्ट्स से मार्जिन बेहतर होता है, जिसका असर यह रहा कि 2026 की पहली छमाही में ग्रॉस प्रॉफिट मार्जिन में 1,000 बेसिस पॉइंट्स से ज्यादा का सुधार हुआ है। कंपनी अपने 17 ब्रुअरीज और 18 को-पैकर नेटवर्क के जरिए सप्लाई चेन को दुरुस्त कर रही है।
मार्जिन पर दबाव और चुनौतियां
प्रीमियम स्ट्रैटेजी के बावजूद, एनर्जी, फ्रेट और एल्युमीनियम की बढ़ती कीमतों ने कंपनी की राह मुश्किल कर दी है। इन इन्फ्लेशनरी दबावों के कारण FY27 में अर्निंग्स में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इसके अलावा, राज्य सरकारों की टैक्स और लाइसेंसिंग पॉलिसीज का सीधा असर बिजनेस पर पड़ता है। कंपनी का लक्ष्य EBITDA मार्जिन को सिंगल डिजिट से बढ़ाकर लो-टीन में ले जाना है, लेकिन इसके लिए लागत पर नियंत्रण और कॉम्पिटिशन (जैसे Carlsberg) से निपटना बड़ी चुनौती होगी।
